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हिंदुस्तान के लिए जीता पहला ब्रॉन्ज मेडल

Crime Nazar 2018-01-11 11:17:57

21 वर्ष की आंचल ठाकुर ने मंलवार को तुर्की में इतिहास रच दिया है. मनाली की आंचल ने इंटरनेशनल स्कीइंग कॉम्पिटिशन में भाग लेते हुए हिंदुस्तान के लिए पहला ब्रॉन्ज मेडल जीता. बाते दें कि आंचल इंटरनेशनल स्कीइंग कॉम्पिटिशन में हिंदुस्तान के लिए मेडल जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं.



आंचल ने एल्पाइन एज्डेर 3200 कप में भाग लेते हुए यह पदक अपने नाम किया. एल्पाइन एज्डेर 3200 कप का आयोजन स्की इंटरनेशनल फेडरेशन करता है.

मनाली की आंचल ठाकुर ने हिंदुस्तान की ओर से स्कीइंग में मंगलवार को इतिहास रच दिया. आंचल ने मंगलवार को इंटरनेशनल लेवल के स्कीइंग कॉम्पिटिशन में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया.

इंटरनेशनल स्कीइंग कॉम्पिटिशन में पदक जीतने वाली वह हिंदुस्तान की पहली खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एल्पाइन एज्डेर 3200 कप में ब्रॉन्ज अपने नाम किया. एल्पाइन एज्डेर 3200 कप का आयोजन स्की इंटरनेशनल फेडरेशन करता है.

अपनी इस जीत के बाद आंचल ने कहा, ‘मैंने महीने इसके लिए कड़ी मेहनत की व आखिरकार यह रंग लाई. मैंने यहां अच्छी आरंभ करते हुए लीड बना ली थी, इसी वजह से इस रेस को मैंने तीसरे नंबर पर समाप्त की.‘

अपनी इस जीत से उत्साहित आंचल ने ट्वीटर पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा, ‘आखिरकार कुछ ऐसा हो गया है, जिसकी उम्मीद नहीं थी

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 मेरा पहला इंटरनेशलन मेडल

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 हाल ही में तुर्की में 

समाप्त

 हुए फेडरेशन इंटरनेशनल स्की रेस में मैंने शानदार परफॉर्म किया

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आंचल के पिता व विंटर गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव रोशन ठाकुर ने आंचल की इस जीत पर कहा, ‘अब हिंदुस्तान में इस खेल के लिए यह शानदार मौका है.‘

आपको जानकर हैरानी होगी कि आंचल की ट्रेनिंग व उसके टूर का सारा खर्च रोशन ठाकुर ने ही उठाया है. उनके पिता ने बताया कि उनकी बेटी को या स्कीइंग के दूसरे खिलाड़ियों को आज तक केंद्रीय खेल मंत्रालय से कोई मदद नहीं मिली है. उनका कहना है कि खेल मंत्रालय में बैठे ऑफिसर स्कीइंग को खेल नहीं मानते हैं.