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कोरियाई देशों के बीच वार्ता को लेकर डोनाल्‍ड ट्रंप को है एेसी उम्मीद

Dainik Savera Times 2018-01-11 13:11:52

वाशिंगटन/सियोलः दो सालों के अंतराल में पहली बार कोरियाई देशों के बीच हुई वार्ता के बाद अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने अंतर-कोरियाई वार्ता से प्रगति होने की उम्मीद जतायी। ट्रंप ने कहा कि उचित समय पर उत्‍तर कोरिया से बात करने को अमेरिका तैयार है।  हालांकि, बाद में संयुक्त राष्ट्र में दूत निकी हेली ने कहा कि अमेरिका ने उत्तर कोरिया के साथ बातचीत करने की अपनी शर्तों में बदलाव नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले किम को कुछ समय तक हथियारों का परीक्षण रोकना होगा।

ट्रंप ने कहा कि दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति मून से फोन पर उनकी बात हुई और उन्‍होंने बताया है कि वार्ता अच्‍छी हुई। साथ ही उन्‍होंने उम्‍मीद जताते हुए कहा, यह न केवल हमारे लिए बल्‍कि पूरी दुनिया के लिए सकारात्‍मक नतीजे लाएगी। और हम कुछ महीनों में नतीजा देख सकेंगे। इसके बाद एक न्‍यूज कांफ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका व उत्‍तर कोरिया के बीच कई कठिनाईयां थीं लेकिन दोनों देशों के बीच अच्‍छी वार्ता जारी है। मुझे सकारात्‍मक नतीजे दिख रहे हैं। इसलिए उम्‍मीद करते हैं कि काफी सारी अच्‍छी चीजें होंगी। अमेरिका के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने भी कोरियाई वार्ता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इसका मकसद ओलंपिक खेलों का सुरक्षित और सफल आयोजन कराना है। 

दक्षिण कोरिया ने बताया कि ट्रंप ने फोन पर राष्‍ट्रपति मून जे को बताया था कि उत्‍तर-दक्षिण कोरिया के बीच वार्ता जारी रहने के दौरान सैन्‍य कार्रवाई नहीं होगी और वॉल स्‍ट्रीट जर्नल के आलेख में भी कहा गया कि उत्‍तर कोरिया के खिलाफ सैन्‍य कार्रवाई की योजना बनाने वाली बात पूरी तरह गलत है। 2015 के बाद से पहली बार उत्‍तर-दक्षिण कोरिया के बीच हुई वार्ता पर मून से फोन पर हुई बातचीत के बाद ट्रंप ने व्‍हाइट हाउस में मीडिया से कहा, ‘यह कहां ले जाएगा कौन जानता है।‘

मंगलवार को मून ने कोरियाई वार्ता के लिए ट्रंप को श्रेय दिया। मून ने ट्रंप का आभार व्‍यक्‍त कर कहा, मुझे लगता है कि अंतर-कोरियाई वार्ता को वास्तविकता में बदलने में राष्ट्रपति ट्रंप की भूमिका बहुत बड़ी है। मैं उनका आभार जताना चाहता हूं। इसके साथ ही उन्‍होंने कहा,किम के साथ उचित परिस्‍थितियों में वार्ता के लिए वे हमेशा तैयार हैं। राष्ट्रपति मून जेइ इन ने उचित परिस्थितियों में किम के साथ बैठक करने का विचार पहले भी दिया था, लेकिन उनकी ताजा टिप्पणी तब आयी है जब एक दिन पहले उत्तर कोरिया अगले महीने दक्षिण कोरिया में होनेवाले शीतकालीन ओलिंपिक खेलों में अपना प्रतिनिधिमंडल भेजने और अपनी सीमा पर तनाव कम करने पर सैन्य वार्ता करने पर सहमत हो गया। मून ने उत्तर कोरिया की ओलंपिक में भागीदारी को बहुत ही वांछनीय कदम बताया, लेकिन उन्होंने कहा कि परमाणु गतिरोध को हल किये बिना अंतर-कोरियाई संबंधों में सुधार नहीं हो सकता।

मून ने कहा कि अगर उत्तर कोरिया ने फिर से उकसावेवाली कार्रवाई की तो उसे और कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों तथा दबाव का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप का विसैन्यीकरण शांति और हमारे लक्ष्य का मार्ग है। परमाणु मुद्दे के शांतिपूर्ण, कूटनीतिक समाधान की वकालत करनेवाले मून ने कहा, मैं किम के साथ किसी भी तरह की बैठक के लिए तैयार हूं अगर उससे अंतर-कोरियाई संबंध सुधारने और परमाणु मुद्दा हल करने में मदद मिले। मून ने कहा, बैठक करने के लिए उचित परिस्थितियां होनी चाहिए। मुझे लगता है कि बातचीत की सफलता का भरोसा भी होना चाहिए।