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वसुंधरा अब चूकी तो फिर 'चूक' जाएंगी

Eenadu India 2018-01-12 12:30:00

सीएम वसुंधरा राजे (फाइल फोटो)।


जयपुर। राजस्थान में 2018 के अंत में होने वाले चुनाव से पहले वसुंधरा राजे सरकार विधानसभा सत्र करीब एक महीना पहले 5 फरवरी को ही बुला रही है। विधानसभा सभा सत्र में 12 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। उस बार के बजट का सीधा असर विधानसभा चुनावों में देखने के मिलेगा। जिससे राजे सरकार पर यह दवाब बना हुआ है कि वो आम आदमी के हितों को ध्यान में रखकर ही बजट पेश करें।


गरीब से लेकर मध्यम वर्ग तक के सभी लोग चाहते हैं कि मौजूदा सरकारी अस्पतालों के इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधारने पर सरकरा ज्यादा निवेश करे। अस्पतालों की हालत किसी से छुपी नहीं है। लोग चाहते हैं कि सरकार कुछ और सरकारी अस्पताल खोले। पानी की समस्या पर बजट में ध्यान दे। महंगे इलाज और दवाओं पर सब्सिडी दी जाए।

आम आदमी यह चाहता है कि खेती से लेकर उद्योग-धंधों की खस्ता हालत पर सरकार इस बार ध्यान दे। बेरोजगार युवाओं में बढ़ते असंतोष ने भी सरकार को परेशानी में डाल दिया तो ऐसे में उनको भी रोजगार मुहैया कराने का ठोस प्लान प्रस्तुत करना होगा।

लोगों की लगातार बढ़ती उम्मीदों ने सरकार को परेशानी में डाल दिया है। अब राजे को तय करना है कि वो क्या चाहती हैं। अगर बजट में वो आम आदमी को राहत देंगी तो चुनाव के समय उन्हें लाभ मिलेगा। नहीं तो अगर इस बार वो चुक गई तो वापसी मुश्किल हो जाएगी।