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आँखें है अनमोल !

N health tips 2018-01-12 18:54:03


आपकी दो आँखें आपकी मस्तिष्क के संचार संस्थान के दो दूरदर्शन स्टूडियो है, जिनमे ( हर आँख में ) एक करोड़ 80 लाख डिजिटल कैमरे लगे होते है ! आँख के पिछले बाग़ में  स्थित दृस्टि पटल ( रेटिना ) में रोड्स ( दंड ) और कोन्स ( त्रिकोड ) कैमरे होते है ! 60 लाख रंगीन 3 डी और 120 लाख स्वेत श्याम दंड कैमरे ! रात के अंधरे में रोड कैमरे ही काम करते है ! 3 डी नहीं विटामिन ए की कमी में प्रकाश सवेदक रोह्डोेप्सिन रजक नहीं बन पता है जिससे नाईट ब्लाइंडनेस होती है !

रोड और 3 डी कैमरे के तार ( एक आँख में करीब डेढ़ करोड़ तार ) ऑप्टिक नर्व में इक्कठे होकर दिमाग के दृस्टि संचार केंद्र में पहुंचते है, मगर दायीं आँख के सभी तार दायीं दिमाग में और बायीं आँख के बाएं दिमाग में नहीं जाते है ! दृश्ये की गहराई का अनुभव इसी से होता है ! आँख के आगे की अर्धगोलार्द्ध पारदर्शी परत कॉर्निया में रक्त वाहनिया नहीं होती है ! आंसू ही इसे गिला रखते है उसी से इसे ऑक्सीजन मिलती है ! इसको जिन्दा रहने के लिए रक्त संचार की जरूरत नहीं होती है ! यह व्यक्ति के मरने के बाद भी कुछ घंटो तक ज़िंदा रहते है ! जबकि बाकि सभी अंग मर जाते है ! शरीर का मात्र यही अंग है जो मरने के बाद भी प्रत्यारोपित किया जा सकता है ! नेत्र दान में यही काम आता है ! कॉर्निया के सफ़ेद होने पर उसकी पारदर्शिता खतम हो जाती है, जिससे आँख अंधी हो जाती है और कॉर्निया ट्रांसप्लांट में नेत्र ज्योति लोट आती है !