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सीएम को लेकर कवासी लखमा के इस बयान ने 'चौंकाया'

Eenadu India 2018-01-13 19:06:00

कवासी लकमा,उपनेता प्रतिपक्ष, छत्तीसगढ़ विधानसभा।


जगदलपुर। राज्य में लगातार आदिवासी मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठती रही है। भाजपा-कांग्रेस हो या अन्य दल आदिवासी मुख्यमंत्री बनाने पर जोर देते रहे हैं। इस बीच उप नेता प्रतिपक्ष व आदिवासी समुदाय से आने वाले कांग्रेस नेता कवासी लखमा ने ये कह कर चौंका दिया है कि 'उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि राज्य में आदिवासी सीएम हो या नहीं'।


हाल ही में उप-नेता प्रतिपक्ष बने कवासी लखमा ने पद मिलने के बाद पहली बार मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि 'उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की राज्य में आदिवासी समाज का कोई नेता मुख्यमंत्री बनता है या नहीं'।

बता दें कि प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लिए 29 सीटें आरक्षित हैं। राज्य में बड़ी जनसंख्या आदिवासियों की है। ऐसे में समय-समय पर राजनीतिक दल राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री बनाने की मांग करते रहे हैं, ताकि वे समाज के लिए काम करें। आदिवासियों के लिए आरक्षित 29 सीटों में 18 सीटें कांग्रेस के जबकि 11 सीटों पर भाजपा के विधायक हैं।

राज्य में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में लगभग 50 प्रतिशत आबादी आदिवासियों की है। लिहाजा बड़े राजनीतिक दल इन्हें लुभाने में जुटे हुए हैं। पिछले दिनों सरकार द्वारा भू-राजस्व संशोधन विधेयक वापस लेना भी इसी कड़ी में शामिल है। इस बीच उप-नेता प्रतिपक्ष कवासी लखमा का यह बयान कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा सकता है।

गौरतलब है कि इसी सप्ताह एक प्रेस कॉन्प्रेस के दौरान पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने आदिवासी मुख्यमंत्री की मांग का समर्थन करते हुए कहा था कि आदिवासी मुख्यमंत्री होने से समाज का भला तो होगा ही बल्कि समाज हित में किस तरह के निर्णय लिए जाने चाहिए इस पर भी आदिवासी मुख्यमंत्री मनोवैज्ञानिक तरीके से सोचकर फैसला लेंगे।