newsdog Facebook

जम्मू कश्मीर में सेना अातंकियों के साथ अन्य मोर्चे पर भी लड़ रही है लड़ाई

Times hindi.com 2018-02-12 09:59:01

जम्मू (राज्य ब्यूरो)। जम्मू कश्मीर में सेना तीन मोर्चो पर दुश्मनों से लड़ रही है। सीमा पर पाकिस्तानी गोलाबारी से, राज्य में आतंकियों से और तीसरा आतंकी व पड़ोसी मुल्क के समर्थकों से। आतंकवादियों के हिमायती राज्य में पाकिस्तान के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रभक्त कश्मीरियों की शहादतों को नजरअंदाज कर युवाओं को बरगला रहे हैं। सुंजवां ब्रिगेड में शहीद हुए छह में से पांच कश्मीरियों की शहादत पर कश्मीरी समाज के तथाकथित ठेकेदार खामोश हैं। दो दिनों में पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर में खूनखराबा करने के लिए पूरी ताकत लगा दी है।

संसद आतंकी हमले के दोषी अफजल गुरु और मकबूल भट्ट की बरसी पर खूनखराबे की साजिश के तहत नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान ने गोलाबारी कर एक महिला की जान ले ली। जम्मू में आतंकवादियों ने पांच सैनिकों समेत छह लोगों को मार दिया। वहीं विधानसभा में पाकिस्तान के समर्थन में आवाज बुलंद हो गई। वहीं सेना विरोधी एजेंडे पर काम करने वाले राष्ट्रवादी विरोधी तत्व सुंजवां में जवानों की शहादत पर दुख के दो शब्द भी नहीं बोल पाए।

जम्मू-कश्मीर: पाक सेना की गोलीबारी जारी, 24 घंटे में BSF के दो जवान शहीद यह भी पढ़ें

NC नेता ने लगाए पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे

सुंजवां आर्मी कैंप में जब हमारे जवान आतंकियों से लोहा ले रहे थे, उसी वक्त जम्मू कश्मीर विधानसभा के अंदर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे गूंज रहे थे। शनिवार को आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले से बढ़े तनाव के बीच विधानसभा में के अंदर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता अकबर लोन ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। विधानसभा के बाहर भी वे खुद को सही ठहराते दिखा। उन्होंने कहा, मेरा अपना मत है और इससे किसी दूसरे को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनकी इस हरकत की पूरे देश में कड़ी निंदा की गई।

जानिए कैसे, जवानों के लिए जानलेवा साबित हो रही है आतंकियों की स्टील बुलेट यह भी पढ़ें

सुंजवां आतंकी हमले के बीच अलगाववादियों का कश्मीर बंद

आतंकियों और पाकिस्तान से अलगावावादियों के प्रेम का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अफजल गुरू और मकबूल भट की बरसी पर अलगाववादियों द्वारा कश्मीर बंद बुलाया गया। 9 फरवरी को संसद हमले का दोषी आतंकी अफजल गुरू और 11 फरवरी को जेकेएलएफ का संस्थापक मकबूल भट की बरसी पर यह बंद बुलाया गया। जिसके मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। रविवार को जेकेएलएफ के संस्थापक मकबूल बट की 34वीं बरसी थी। उसे 11 फरवरी 1984 को तिहाड़ जेल में फंासी दी गई थी। इसी सिलसिले में कट्टरपंथी सैयद अली शाह गिलानी, उदारवादी हुर्रियत प्रमुख मीरवाइज मौलवी उमर फारूक और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चेयरमैन मोहम्मद यासीन मलिक के संयुक्त नेतृत्व वाली ज्वाइंट रजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) के बैनर तले अलगाववादी संगठनों ने कश्मीर बंद का आह्वान किया था।

सुंजवां आतंकी हमला

शनिवार सुबह 4:55 बजे आतंकियों ने जम्मू की सुंजवां आर्मी कैंप पर हमला बोल दिया। इस हमले आतंकियों से लोहा लेते हुए पांच जवान शहीद हो गए, जबकि नागरिक की भी मौत हो गई। सुरक्षाबलों ने पांच आतंकियों को भी मार गिराया है। बहरहाल, अभी ऑपरेशन चल रहा है।

By Nancy Bajpai

Original Article