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कम तौलने के डर से मंडी के बाहर बेच रहे फसल

Patrika 2018-02-12 05:47:27

फसल का पैसा बैंक में जमा होने की बात सुनकर मंडी में फसल बेचने की हिम्मत नहीं जुटा पर रहे किसान

झाबुआ. रविवार मंडी में बंपर आवक रही, लेकिन मंडी के बाहर भी किसानों ने व्यापारियों को जमकर अनाज बेचा। अनाज के लिए लगने वाली बोली में देरी से ये किसान सीधे व्यापारी को मंडी के बाहर ही फसल बेच देते हैं। व्यापारियों को मंडी के बाहर फसल बेचते कुछ किसानों से हुई बात में रंगा नथिया, भीमजी वलिया, तोलसिंह वरसिंह ने बताया कि मंडी में कम अनाज तोलने की बात सुनी है। लीटर से आनाज तोलने पर एक क्विंटल में 5 से 7 किलो का फर्क आता है।
वहीं मंडी में किलो के ऊपर 900ग्राम वजन को भी वजन में शामिल नहीं किया जाता। फसल का पैसा बैंक में जमा होने की बात सुनकर मंडी में फसल बेचने की हिम्मत नहीं बची। रमसु हकरु ने कहा कि मंडी में आने-जाने के रास्ते में गेट पर लोहे की जंजीर लगा देने से मंडी में पैदल अनाज ले जाने वालों की समस्या हो रही है। फसल के पैसे से बाजार करके घर जाना होता है।
ऐसे में खाते में पैसा जमा होता है और रविवार बैंक भी बंद रहती है। मंडी कर्मचारी बोली लगाने के लिए किसानों की भीड़ का इंतजार करते हैं। भीड़ होने पे सभी का नंबर आने में बहुत देर लगती है। बोली लगाने के समय में हम पूरा हॉट बाजार कर के अपने घर चले जाते हैं। इसलिए अनाज मंडी के बाहर बेच रहे हैं। मंडी के बहार दुकान लगाने पर मंडी प्रशासन को व्यापारियों दंड देने का प्रावधान है। इसके पहले मंडी सचिव ने सीधी खरीदी कर रहे दुकानदारों के प्रतिष्ठान सील किए थे, लेकिन सालभर बाद भी कोई दूसरी इस तरह की कार्रवाई नहीं होने से बाजार में दुकानों पे व्यापारी अनाज खरीद रहे हैं।
इन स्थानों से व्यापारी खरीदते हैं किसानों से अनाज
कालिका माता मंदिर के आसपास, भोजमार्ग, कॉलेज मार्ग, मुख्य बाजार, बस स्टैंड, मेघनगर नाका, राजगढ़ नाका, किशनपुरी अदि स्थानों पर व्यापारी किसानों से अनाज खरीदते हैं। अधिकतर व्यापारियों की मंडी में भी दुकान है, लेकिन घर के दूसरे सदस्य को बाजार की दुकान पर भी माल खरीदते बेचते देखा जा सकता है।

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