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2100 तक दोगुना बढ़ सकता है समुद्र जलस्तर

EMS TV 2018-02-14 16:00:00

नई दिल्ली (ईएमएस)। इस सदी के अंत यानी 2100 तक ग्लोबल वार्मिंग से पिघलती बर्फ के कारण समुद्र का जलस्तर वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान से दोगुने से भी अधिक बढ़ सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो के शोधकर्ताओं ने यह आशंका जताई है। प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल अकादमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित शोध के अनुसार पहले 2100 तक समुद्र का जल स्तर 30 सेमी बढ़ने की आशंका थी। लेकिन अब यह 65 सेमी से भी अधिक बढ़ सकता है। इससे कई तटीय क्षेत्रों के डूबने या बाढ़ की आशंका भी बढ़ जाएगी। समुद्र का जलस्तर प्रति वर्ष 0.08 मिमी की दर से बढ़ रहा है। समुद्र जलस्तर 2100 तक प्रति वर्ष दस मिमी या इससे अधिक मात्रा के हिसाब से बढ़ सकता है। इसमें अल नीनो द्वारा समुद्री जल का तापमान बढ़ने और हवाओं के बदले रुख को भी जिम्मेदार बताया है। शोधकर्ताओं ने 1993 से अब तक के समुद्र के जलस्तर के आंकड़ों का अध्ययन किया। इसके लिए उन्होंने अमेरिकी/यूरोपीय टोपेक्स/पोसीडन उपग्रह और अमेरिकी उपग्रहों जेसन-1, जेसन-2 व जेसन-3 की मदद ली। साथ ही अल नीनो के दक्षिणी बदलावों को मापने के लिए ज्वालामुखी के प्रभावों और अन्य प्रभावों का अध्ययन जलवायु संबंधी मॉडलों पर किया। इससे समुद्र जलस्तर में होने वाले पिछले 25 साल के बदलावों की जानकारी मिली। ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन की बढ़ती मात्रा के कारण धरती पर हवा और पानी का तापमान बढ़ रहा है। इस कारण समुद्री जलस्तर दो तरह से बढ़ रहा है। पहला, इससे गर्म समुद्री जल तेजी से फैल रहा है। पिछले 25 साल में समुद्री जलस्तर सात सेमी बढ़ा। इसमें इस कारक की हिस्सेदारी करीब आधी है। वही दूसरा जमीनी बर्फ के तेजी से पिघलने से समुद्री जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

संदीप सिंह/देवेन्द्र/ईएमएस/नई दिल्ली/14फरवरी/2018/