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PM मोदी ने नेपाल में जिन पशुपतिनाथ के किए दर्शन, जानिए उसका उत्तराखंड कनेक्शन

Eenadu India 2018-05-14 07:30:00

पशुपतिनाथ में पीएम मोदी।


रुद्रप्रयाग। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 2 दिनों के नेपाल यात्रा में रहे। इस दौरान वे पीएम मोदी नेपाल के सुप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर भी पहुंचे। जहां उन्होंने महादेव की पूजा-अर्चना की। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि पशुपतिनाथ मंदिर का उत्तराखंड से अटूट और गहरा नाता है।


मंदाकिनी के तट पर देवभूमी उत्तराखंड का प्रमुख मंदिर केदारनाथ स्थित है। वहीं भारत के पड़ोसी देश नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर। इस दोनों मंदिरों के रिश्तों को बताती एक प्राचीन कथा।

पशुपतिनाथ मंदिर के संबंध में यह पौराणिक मान्यता है कि महाभारत के युद्ध के बाद पाण्डवों द्वारा अपने गुरुवों और सगे-संबंधियों के वध से महादेव उनसे क्रोधित हो गए थे। भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर पांडव महादेव को मनाने के लिए हिमालय की ओर चल पड़े। गुप्तकाशी में पाण्डवों को देख महादेव वहां से उस जगह चले गए जहां आज केदारनाथ मंदिर स्थित है।

पांडव भी भगवान महाकाल को खोजते हुए उस स्थान तक पहुंच गए। पाण्डवों को आता देख महादेव वहीं पास में घास चर रहे भैसों के झुंड में भैंस का रूप लेकर शामिल हो गए। जिसके  बाद पाण्डवों ने उस झुंड में भगवान शिव को पहचान लिया।

लेकिन मान्यता अनुसार पाण्डवों से क्रोधित भगवान शिव पांडवों को दर्शन ना देने के लिए भैंस के रूप में ही धरती में समाने लगे। भीम ने भगवान को रोकने के लिए उन्हें कसकर पकड़ लिया। भगवान पाण्डवों की श्रद्धा से बहुत प्रसन्न हुए तथा प्रगट होकर उन्हें सभी पापों से मुक्त कर दिया।

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लेकिन कहते हैं कि तबतक भैंस बने भगवान भोलेनाथ का सर काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ पहुंच गया था। जिसके बाद से केदारनाथ और पशुपतिनाथ को संयुक्त ज्योतिर्लिंग भी कहा जाता है। यही कारण है कि उत्तराखंड के केदारनाथ मंदिर में भैस के पीठ रूप में शिवलिंग की पूजा की जाती है और पशुपतिनाथ मंदिर में महादेव के सर की।