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अलवर में एक शिक्षक की प्रतिनियुक्ति को प्रतिनियुक्ति पड़ी भारी, अब सरकार इस तरह कर रही परेशान

Patrika 2018-05-15 15:27:24

अलवर में एक शिक्षक को प्रतिनियुक्ति के बाद से ही परेशानी उठानी पड रही है।

अलवर. अलवर में एक शिक्षक का चार माह का वेतन रोक लिया गया है। मुंडावर ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कादर नंगला के एक शिक्षक को चार माह से वेतन नहीं मिला, कारण रहा पीईईओ को बगैर सूचना के शिक्षक का प्रतिनियुक्ति पर जाना। मुंडावर ब्लॉक के राउप्रावि कादर नंगला में नियुक्त शिक्षक सुमित यादव के अनुसार जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आदेशानुसार उन्हें 6 अक्टूबर 17 से 8 मई 2018 तक जीपीएफ, एसआई ऑफिस में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था। आदेश की पालना में उन्हें स्कूल से रिलीव कर सूचना पीईईओ को दे दी गई। दिसम्बर तक तो सब ठीक चला और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से उनका वेतन जारी होता रहा। जनवरी में वेतन व्यवस्था पीईईओ के हाथों में आ गई।

यादव का कहना है कि जनवरी से आज तक उन्हें वेतन जारी नहीं किया गया है, जबकि जीपीएफ विभाग से उनकी उपस्थित संबिंधत पीईईओ को भेजी जा चुकी है। इस संबंध में यादव ने पीईईओ को अवगत भी कराया, लेकिन इसके बाद भी उनका वेतन जारी नहीं किया जा रहा।
उपस्थिति काटी, लगाया रेड निशान
शिक्षक सुमित यादव का आरोप है कि उन्होंने जीपीएफ कार्यालय से रिलीव होने के बाद पुन 9 मई को स्कूल में अटेंडेंस लगाई, लेकिन उसे किसी ने लाल पैन से काट दिया। इसके नीचे स्कूल हैडमास्टर के इनिशीयल हैं। इस प्रकार उन्हें स्कूल से अनुपस्थित दिखाने का प्रयास किया गया।

डीईओ को जांच के लिए लिखा है

उक्त शिक्षक मुझे बिना बताए प्रतिनियुक्ति पर गए थे। मैं उस दिन वहीं निरीक्षण पर थी। इनकीे ग्रामीणों की ओर से भी स्कूल में नहीं रुकने व अध्यापन कार्य नहीं कराने की शिकायत है। स्कूल में बच्चे ज्यादा है, इसलिए उनका स्कूल में रहकर ही अध्यापन कार्य कराना ज्यादा जरूरी है। इस मामले की जांच के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को लिखा है।
अर्चना शर्मा
पीईईओ, जिंदोली, ब्लॉक मुंडावर