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कर्नाटक में टूट सकता है कुमार स्वामी का दल, भाजपा हाथ में आया सुनहरा मौका जाने नहीं देगी?

Care of Media 2018-05-15 05:30:00
Home Blog Election New Delhi Poltics SP Mittal कर्नाटक में टूट सकता है कुमार स्वामी का दल, भाजपा हाथ में आया सुनहरा मौका जाने नहीं देगी? CARE OF MEDIA news network Tuesday, May 15, 2018 Blog, Election, New Delhi, Poltics, SP Mittal,
एसपी मित्तल 
15 मई को कर्नाटक चुनाव के परिणाम में जब भाजपा को 222 में से 120 सीटों पर बढ़त मिली तो टीवी चैनलों पर भाजपा के बड़े नेता लड्डू खाते और खिलाते नजर आए। येदुरप्पा तो मुख्यमंत्री की शपथ लेने में जुट गए, लेकिन दोपहर तक जब परिणाम की स्थिति साफ होने लगी तो भाजपा का आंकड़ा 105 सीटों तक ही पहुंची।
इस स्थिति को देखते हुए कांग्रेस के नेता गुलाब नबी आजाद और अशोक गहलोत ने घोषणा कर दी कि जेडीएस के नेता कुमार स्वामी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कांग्रेस के 78 विधायक समर्थन देंगे। कांग्रेस की घोषणा के समय जेडीएस के पास 38 सीटें बताई गई यानि 112 के बहुमत से 4 सीटें कांग्रेस और जेडीएस के पास थी।
कांग्रेस का समर्थन मिलते ही जेडीएस की ओर से घोषणा कर दी गई कि 15 मई की शाम को ही सरकार बनाने का दावा राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा। सवाल यह नहीं है कि कर्नाटक में कांग्रेस के समर्थन से जेडीएस की सरकार बनेगी अहम सवाल यह है कि क्या 105 सीटें लेने के बाद भी नरेन्द्र मोदी और अमितशाह भाजपा की सरकार बनवाने से वंचित हो जाएंगे?
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उत्तर पूर्व के कई राज्यों में देखा गया है कि अल्पमत के बाद भी बहुमत से भाजपा की सरकार बनी है। बहुमत होते हुए भी कांग्रेस सरकार नहीं बना सकी। यह माना कि उत्तर पूर्व राज्यों में सरकार बनाने में मात खाने के बाद कांग्रेस ने कर्नाटक में तेज गति से फैसला किया, लेकिन जानकारों की माने नरेन्द्र मोदी और अमितशाह का दिमाग कहीं ज्यादा तेज दौड़ता है। सब जानते हैं कि जेडीएस में ताकत के दो केन्द्र है।
एक कुमार स्वामी और दूसरा उनके पिता पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, कांग्रेस तो बहुमत से 34 सीटे दूर हैं, जबकि भाजपा तो मुश्किल से 7 सीटें दूर है। क्या मोदी शाह की जोड़ी सात सीटों का इंतजाम नहीं कर सकती? कुमार स्वामी का दल कब टूट जाए कहा नहीं जा सकता। भले ही जेडीएस और कांग्रेस सरकार बनाने के लिए राज्यपाल के पास जा रहे हैं, लेकिन राज्यपाल ऐसे ही मिल जाएंगे?
राज्यपाल सारी राजनीतिक परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद कोई निर्णय लेंगे, अभी तो चुनाव आयोग ने भी परिणाम की विधिवत घोषणा नहीं की है। जेडीएस ही नहीं कांग्रेस को भी अपने विधायकों को संभाल कर रखने की जरुरत है। कर्नाटक में किसकी सरकार बनेगी यह एक दो दिन में स्पष्ट हो जाएगा, लेकिन इतना जरूर है कि कर्नाटक में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया।
गैर हिन्दी भाषी राज में सबसे बड़े दल के तौर पर सामने आना भाजपा के लिए मायने रखता है। पहले वामपंथ की जकड़ वाले त्रिपुरा में जीत हासिल की तो अब दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण राज्य में भाजपा सरकार बनाने की ओर अग्रसर है।

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SP Mittal By CARE OF MEDIA news network - Tuesday, May 15, 2018