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भाजपा के लिए 2019 में खड़ी हुई बड़ी मुश्किलें

The World News Hindi 2018-05-16 14:23:31

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बड़ी खबर सामने आ रही है जिसमे आपको बतादें कि कर्नाटक की जनता ने भाजपा, मोदी-शाह और RSS के मुंह पर ऐसा तमाचा जड़ा है, जो बरसों याद रहेगा। कल सुबह से लेकर शाम तक, भांड मीडिया तो भाजपा की झूठी जीत के कसीदे पढ़ता रहा।

इतना ही नहीं भाजपा कर्नाटक मे जीत सकती ही नही थी। कुछ आँकड़े देखने थे, और थोड़ी अक्ल से काम लेना था बस। 2008 मे जब कर्नाटक मे भाजपा की ‘पूर्ण बहुमत’ वाली सरकार बनी, तब भी उसे 110 सीटें यानी simple majority से तीन सीटें कम मिली थीं। वोट प्रतिशत 33% था-कांग्रेस के 35% से कम।

वहीँ लिंगायतों का प्रतिशत साफ नही है-12-17% की रेंज मे गिना जाता है। 24% SC-ST भी एक तरह से वोट नही करता। कर्नाटक मे जाति से ज्यादा, वर्ग विभाजन रहा है। भारत के अन्य प्रदेशों की तुलना मे पूंजीवाद यहां तमाम विकृतियों के बावजूद, ज़्यादा स्वस्थ रहा है।

इतना ही नहीं पटेलों के अन्दर एक अमीर और एक गरीबी के करीब पहुंचता हुआ, खासकर गाँव मे, वर्ग पैदा हुआ। इसी वक़्त पटेलों का बड़ा हिस्सा, भाजपा से अलग होने लगा। जिसका असर हमने 2017 के गुजरात चुनाव मे देखा कर्नाटक मे मध्य वर्ग लगभग सभी जातियों मे फैल चुका है।