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अमित शाह का प्लान बी- कुमारस्वामी से मिलकर प्रकाश जावड़ेकर ने चटाई राहुल को धूल, खून खराबे पर उतरे कोंग्रेसी

DD Bharti 2018-05-16 13:22:38

नई दिल्ली : कर्नाटक चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, मगर बहुमत से थोड़ा पीछे है. मगर बीजेपी के चाणक्य अमित शाह ने तो मानो कांग्रेस मुक्त भारत बनाने की कसम खायी हुई है. यही कारण है कि उन्होंने ऐसा दांव चला है, जिसने राहुल समेत समूची कांग्रेस की हालत खराब कर दी है और कोंग्रेसी अब मरने-मारने पर उतारू हो गए हैं.

अमित भाई के दांव से कांग्रेस पस्त

देश को लूट-लूटकर खोखला कर रही कांग्रेस को सत्ता से दूर रखने के लिए अमित शाह ने अपना दांव चला है. कर्नाटक में फंसे दांव -पेंच के बीच केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को उस होटल से निकलते हुए देखा गया जहां जेडीएस नेता कुमारस्वामी रुके हुए है. बता दें कुमारस्वामी ही जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन की तरफ से सीएम कैंडिडेट होंगे.

मंगलवार रात जेडीएस नेता कुमारस्वामी बेंगलुरु के होटल ताज में कमरा लेकर रात रुके. बुधवार सुबह करीब 10 बजे होटल ताज के वेस्ट गेट से केंद्रिय मंत्री प्रकाश जावेड़कर को निकलते देखा गया है. सूत्रों की माने तो बीजेपी ने जेडीएस को साथ लाने की कवायत शुरु कर दी है.

प्रकाश जावड़ेकर ने बिगाड़ा राहुल का खेल

बता दें प्लान बी पर फोकस करते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने केंद्रिय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को बेगलुरु भेजा था. जिसके तहत वह कर्नाटक बीजेपी नेताओं के साथ मिलकर निर्दलीय विधायकों से संपर्क करेंगे और जेडीएस को साथ लाने की कवायत करेगें. वैसे इससे पहले भी बीजेपी ने संकेत दिया ता कि जेडीएस से उसे परहेज नहीं है.

जानकारी के मुताबिक़ जेडीएस के कई विधायक बगावत करने के लिए तैयार हैं. ये विधायक बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने के पक्ष में हैं. ऐसे में जेडीएस पर दबाव बन रहा है कि या तो वो मोदी के साथ हाथ मिला ले वरना उसके विधायक बीजेपी के साथ मिलकर सरकार तो बना ही लेंगे. वहीँ कांग्रेस के भी कई विधायक बगावत पर उतर आये हैं. ये विधायक पार्टी मीटिंग में भी नहीं पहुंचे और कांग्रेस आलाकमान उनसे संपर्क ना कर पाए, इसके लिए उन्होंने अपने फ़ोन भी बंद कर दिए हैं.

खून-खराबे पर उतरी कांग्रेस

बता दें कि कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले जेडीएस छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले सात विधायकों में से तीन ने जीत हासिल की है. ये विधायक 24 मार्च को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हुए थे. जानकारी के मुताबिक़ जेडीएस के 7 बागी विधायकों में से जीत हासिल करने वाले तीन विधायक बगावत के मोड में हैं. वो कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन में शामिल नहीं होना चाहते. ये तीनों कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते हैं.

कांग्रेस ये बात अच्छी तरह समझ गयी है कि उसकी सरकार नहीं बनने वाली, लिहाजा अब कोंग्रेसी खून-खराबा करने पर उतारू हो गए हैं. बेंगलुरु में मौजूद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने धमकाते हुए कहा है कि अगर राज्यपाल ने हमें सरकार बनाने के लिए निमंत्रित नहीं किया, तो खून-खराबा हो जाएगा.

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