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मेडिकल एजेंसी के कर्मचारी चुराते रहे रकम

Sandhya Border Times 2018-05-17 15:08:41

– पुलिस ने कर्मचारियों को धारा 151 में पकड़ा
श्रीगंगानगर। दवा के थोक विके्रता की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी काफी समय से डुप्लीकेट चाबी से गल्ले से रुपए चोरी करते रहे। एजेंसी संचालक ने टाउन पुलिस थाना में शिकायत दी, तो पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज करने की बजाय दोनों कर्मचारियों को महज धारा 151 में गिरफ्तार कर लिया और उनकी आज जमानत भी हो गई। पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को शिकायत की है।
जानकारी के अनुसार अग्रवाल डिस्ट्रीब्यूटर्स के संचालक सुनील अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को गल्ले में रुपए कम होने पर उन्हें संदेह हुआ। पहले से गिन कर रखी नगदी को दुबारा चैक किया, तो उसमें पांच-पांच सौ रुपए के दो नोट व 100-100 के पांच नोट कम मिले। संदेह के आधार पर उन्होंने अपने कर्मचारी घनश्याम की तलाशी ली, तो वही नोट बरामद हो गये। इसकी शिकायत टाउन पुलिस थाना में की, तो एएसआई करतार सिंह ने कर्मचारी सुशील व घनश्याम को धारा 151 में गिरफ्तार किया। पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज नहीं किया। उन्हें पता चला है कि काफी समय से दोनों कर्मचारी गल्ले से एक हजार से दो हजार रुपए के बीच नगदी निकालते थे, ताकि चोरी का पता न चले। ऐसा करके कर्मचारियों ने लाखों रुपए चोरी कर लिए, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।
एजेंसी संचालक सुनील अग्रवाल ने बताया कि घनश्याम के पास गल्ले की दूसरी चाबी बरामद हुई है। इसी चाबी से वह गल्ला खोल कर रुपए निकालते थे। पूछताछ में घनश्याम ने बताया कि दीपाली पर सफाई के दौरान उसे एक चाबी मिली थी। इसी चाबी से वह गल्ला खोलता और रुपए चोरी करता था। इस प्रकरण को दर्ज करवाने के लिए आज दुबारा टाउन थाना में गया, तो एसएचओ रामप्रताप ने दो घंटे थाना में बैठाए रखा, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया। अब उन्होंने कर्मचारियों पर चोरी का मुकदमा दर्ज करने व पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग मुख्यमंत्री से की है। अगर उसे न्याय नहीं मिला, तो दवा विक्रेता हड़ताल पर चले जायेंगे।
इधर एएसआई करतार ङ्क्षसह ने बताया कि कर्मचारी सुशील करीब 6 माह पूर्व ही अग्रवाल एजेंसी से काम छोड़ चुका है। उसके बाद वह दुबारा दुकान पर कभी आया नहीं, तो चोरी कैसे कर सकता है। घनश्याम द्वारा चोरी करने की बात सामने आई है। परिवादी को आज सुबह मुकदमा दर्ज करवाने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह आये नहीं।