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मुजफ्फरपुर कांड में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला, मुश्किल में ब्रजेश ठाकुर

Apna Adda 2018-08-02 20:04:09

बिहार सरकार ने मुजफ्फरपुर रेप कांड मामले में मुख्य अभियुक्त ब्रजेश ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला ले लिया है। मुजफ्फरपुर बालिका गृह में 33 लड़कियों के साथ रेप मामले का खुलासा होने के बाद पत्रकार व इस बालिका गृह के संचालन टीम के मुखिया ब्रजेश ठाकुर की गिरफ्तारी हुई है। मामला सीबीआई के पास जाने के बाद ब्रजेश ठाकुर ही मुख्य निशाने पर है।
बिहार सरकार ने यह देखते हुए मुख्य अभियुक्त को निशाने पर लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने ब्रजेश ठाकुर की ओर से चलाई जाने वाली संस्थाओं को काली सूची में डाल दिया है। ऐसी संस्थाओं की संख्या 30 बताई जा रही है। इन संस्थाओं के माध्यम से ब्रजेश ठाकुर स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को आम लोगों के बीच ले जाने का दावा करता था। रेप कांड में फंसने के बाद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने ऐसी सभी 30 संस्थाओं पर काली सूची में डालकर उसका फंड रोकने का आदेश जारी कर दिया है।
ब्रजेश ठाकुर मामले में राजनीति भी गरमा हुई है। विपक्ष की ओर से मुजफ्फरपुर रेप कांड को गंभीर मानते हुए बिहार बंद का आयोजन किया गया। वहीं, राजद नेता व बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सीधे सीएम नीतीश कुमार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार को इस पूरे मामले में वे बेनकाब करके छोड़ेंगे। मुजफ्फरपुर कांड पर सरकार को जवाब देना ही होगा। लेकिन, सवाल यह भी उठता है कि जवाब तब दिया जाता जब सरकार के हाथ में केस होता। विपक्ष ने पहले ही सीबीआई जांच की मांग कर सरकार को बच निकलने का मौका दे दिया। यही मौका ब्रजेश ठाकुर जैसे अपराधी को खिलखिलाने का मौका देता है।


पुलिस की गिरफ्त में खिलखिलाता ब्रजेश ठाकुर.