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ताली बजाते ही अपनी जगह से ऊपर आ जाता है इस कुंड का पानी, वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाए ये रहस्य

Live India 2018-11-08 12:07:29

New Delhi: आपने आज तक कई सारे कुंड देखे होंगे, इन कुंड में डुबकी मारकर खुद को पवित्र भी किया होगा। हमारे भारत में ऐसे बहुत सारे जल कुंड हैं, जिनके रहस्य आज भी अनसुलझे हैं। आज हम यहां एक ऐसे कुंड के बारे में बात करेंगे, जिसके रहस्य सुनकर आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे और ये भी सोचेंगे कि ऐसा भी हो सकता है। ये रहस्मय कुंड झारखंड के बोकारो जिले में स्थित है।

बोकारो सिटी से 27 किलोमीटर दूर इस अनोखे कुंड में नहाने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। इस कुंड को दलाही कुंड के नाम से जाना जाता है। इस कुंड से निकलने वाला पानी जमुई नामक नाले से होता हुआ गर्गा नदी में जाता है। ये कुंड कांक्रीट की दीवारों से घिरा हुआ है। इस कुंड पर कई वैज्ञानिकों ने रिसर्च किया कि आखिर यहां पानी आता कहां से है, लेकिन आज तक इसके रहस्य से पर्दा नहीं उठ पाया। इसकी सबसे खास बात ये है कि अगर आप इस कुंड के सामने ताली बजाएंगे तो पानी अपने आप ऊपर निकल जाएगा।

इस कुंड में पानी इतनी तेजी से निकलता है कि मानो बर्तन में पानी उबल रहा है। इतना ही नहीं, इस कुंड की खासियत है यहां सर्दी में गर्म और गर्मी में ठंडा पानी निकलता है। लोगों का मानना है कि पानी में जो कोई भी मन्नत मांगता है, उसकी सारी मन्नत पूरी हो जाती हैं। इस जलाशय का पानी एकदम साफ है और ये औषधीय गुण से भरा हुआ है। कुंड के निकट दलाही गोसाई का देव स्थान है। यहां हर रविवार को श्रद्धालु पूजा-पाठ के लिए आते हैं।

इसके अलावा भारत में एक अनोखा कुंड और है जो काफी चर्चित है। इस कुंड के पानी को लेकर कहा जाता है कि जब भगवान शिव ने देवी गंगा का घमंड तोड़ने के लिए उसे अपनी जटा में समा लिया था, जिससे गंगा भगवान के शरीर से स्पर्श में आ गई थी। इस वजह से देवी पार्वती काफी गुस्सा हो गई थी। यह बात माता पार्वती को अच्छी नहीं लगी थी। भगवान के शरीर को छूने से गंगा पवित्र हो गई थी, जो माता पार्वती को अच्छा नहीं लगा।

माता पार्वती को लगा कि अब से गंगा भगवान के साथ ही रहेगी। वह उदास हो गई और गंगा से नाराज हो गई। इसके बाद कहा जाता है कि जब भी कोई व्यक्ति इस कुंड़ के पास से गंगा जल लेकर निकलता है तो उसका पानी खौलने लगता है। इसलिए कोई भी यहां से निकलते समय गंगाजल लेकर नहीं जाता।

इस पर आज तक यहां पर वैज्ञानिकों ने कई शोध किए है लेकिन आज तक कोई भी इस बारे में पता नहीं लगा पाया कि ऐसा क्यों होता है? साथ ही यहां को लेकर कहा जाता है कि यदि कोई यहां पर कुंड में गंदा वस्त्र फेंक देते हैं, तो कुंड का पानी सूख जाता है। कैलाश मानसरोवर के रास्ते में मणिमहेश स्थान आता है। इसी स्थान के रास्ते में मौजूद है गौरी कुंड। इस कुंड को लेकर कहा जाता है कि यहां सिर्फ महिलाएं ही स्नान कर सकती हैं। कहा जाता है कि यहां पर माता पार्वती ने भगवान शिव की तपस्या की थी।

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