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पूरे देश की महिला उद्यमियों ने ऑर्गैनिक फेस्टिवल में दिखाई अपनी ताकत

YourStory 2018-11-08 11:53:29
 पंजाब की महिला किसान सुश्री सरबजीत कौर ने कहा कि वे पहली बार यहां आई हैं और विभिन्‍न किस्‍मों के जैविक अनाजों के प्रति लोगों के रूझान को देखकर प्रसन्‍न है। उन्‍होंने ऐसा अवसर प्रदान करने के लिए महिला व बाल विकास मंत्रालय को धन्‍यवाद दिया।

हाल ही में ''वूमेन ऑफ इंडिया ऑर्गेनिक फेस्टिवल 2018’’ का पांचवा संस्‍करण 4 नवंबर दिल्ली में आयोजित किया गया। इन 10 दिनों में पूरे देश से आई महिला किसानों और उद्यमियों ने विभिन्‍न किस्‍मों के जैविक उत्‍पादों का प्रदर्शन किया। इसमें खाद्य पदार्थ से लेकर वस्‍त्र, स्‍वास्‍थ्‍य व सौन्‍दर्य प्रसाधन शामिल आदि थे। 26 राज्‍यों से आए महिला किसानों एवं उद्यमियों ने इस वर्ष 2.75 करोड़ रूपये की रिकॉर्ड बिक्री की। पिछले वर्ष यह फेस्टिवल दिल्‍ली हाट, आईएनए, नई दिल्‍ली में आयोजित किया गया था जहां उत्‍पादों की बिक्री 1.84 करोड़ रूपये की रही थी।

रिकॉर्ड 12 लाख लोग इस प्रदर्शनी को देखने आए। इस आयोजन की सफलता ने मजूली, कांगड़ा, लेह, पलक्‍कड़, चिकमंगलूर, यवतमाल, दीमापुर, अलमोड़ा आदि जगहों से आए महिला किसानों को उत्‍साहित किया है। कार्यक्रम के दौरान महिला किसानों व उद्यमियों को यात्रा करने तथा दिल्‍ली में ठहरने की नि:शुल्‍क व्‍यवस्‍था की गई थी। इस वर्ष वेजन फूड का स्‍टॉल लगाया गया था जिसे आगंतुकों ने बहुत पसंद किया।



मुंबई की महिला उद्यमी सुश्री अनामिका ने बांस के टूथब्रश और स्‍टील के स्‍ट्रा का प्रदर्शन किया था। उन्‍होंने कहा कि लोगों की प्रतिक्रियाएं उत्‍साहवर्धक है। पंजाब की महिला किसान सुश्री सरबजीत कौर ने कहा कि वे पहली बार यहां आई हैं और विभिन्‍न किस्‍मों के जैविक अनाजों के प्रति लोगों के रूझान को देखकर प्रसन्‍न है। उन्‍होंने ऐसा अवसर प्रदान करने के लिए महिला व बाल विकास मंत्रालय को धन्‍यवाद दिया।

तमिलनाडु से आई सुश्री अपर्णा के स्‍टॉल में चावल की 30 से ज्‍यादा किस्‍में थी जिसे तमिलनाडु, केरल, मणिपुर, ओडिशा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल राज्‍यों से संग्रह किया गया था। मणिपुर के चखाओ पोईरीटन तथा पश्चिम बंगाल के गोविंद भोग चावल को लोगों ने बहुत पसंद किया। वूमेन ऑफ इंडिया ऑर्गेनिक फेस्टिवल 2018 के प्रतिनिधियों को महिला ई-हाट में पंजीकरण का अवसर दिया गया है। इस पोर्टल का निर्माण महिला व बाल विकास मंत्रालय ने किया है। यह पोर्टल, फेस्टिवल, 2018 के बाद भी महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण में सहायता प्रदान करेगा।



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