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अरुण यादव को टिकट देकर कांग्रेस ने भाजपा की झोली में डाली बुधनी सीट

Sanjeevni Today 2018-11-09 14:01:56

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव रोचक मोड़ पर पहुंच गया है। शुक्रवार को नाम निर्देशन पत्र जमा करने का अंतिम दिन है और भाजपा-कांग्रेस समेत अन्य दलों के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी नामांकन दाखिल करने में जुटे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी परम्परागत सीट बुधनी से चुनाव लड़ रहे हैं, तो वहीं कांग्रेस ने इस सीट से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव को टिकट दिया है। सीहोर जिले के बुधनी सीट से मुख्यमंत्री लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं, ऐसे में अरुण यादव उनका मुकाबला कैसे कर पाएंगे, यह समझ से परे है। कांग्रेस ने इस सीट पर दमदाम उम्मीदवार खड़ा नहीं करके इसे भाजपा की झोली में डाल दिया है।

बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का पैतृक गांव जैत बुधनी के पास ही है और इस सीट से वे लगातार चुनाव जीत रहे हैं। वहीं, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव को बुधनी सीट पर टिकट दिया गया है। इस सीट पर उनका सामना सीएम शिवराज सिंह चौहान से होगा। शुक्रवार को अरुण यादव बुधनी पहुंचे और भगवान का आशीर्वाद लेकर अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पर जमकर निशाना साधा। अरुण यादव ने भले ही बुधनी में तीखे तेवर दिखाएं हो, लेकिन यह सीट सीएम शिवराज का गढ़ है। वे इसी क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि अरुण यादव खरगौन जिले के कसरावद के रहने वाले हैं और यहां कोई जनाधार नहीं हैं। पार्टी में उनका कद केवल उनके पिता स्व. सुभाष यादव के कारण ऊंचा है, क्योंकि सुभाष यादव ने मंत्री रहते किसानों के लिए काम किया था। 

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इसीलिए वे किसान नेता के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन अरुण यादव ने ऐसा कोई काम नहीं किया था। पिता के नाम से पहचाने जाने वाले अरुण यादव को पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सौंपा था, लेकिन चुनावों को देखते हुए उन्हें इस पद से हटाकर कमलनाथ को प्रदेश की कमान सौंप दी। 
जब अरुण यादव कांग्रेस पार्टी में ही दरकिनार कर दिए गए, तो फिर भाजपा के सबसे मजबूत उम्मीदवार और जिनके चेहरे पर भाजपा पूरे प्रदेश में चुनाव लड़ रही है, उन्हें कैसे शिकस्त दे पाएंगे? कांग्रेस ने शिवरजा के सामने एक कमजोर उम्मीदवार खड़ा करके यह सीट भाजपा की झोली में डाल दी है।