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रहस्य! किसी चाबी से नहीं बल्कि मंत्रों से खुलता है इस मंदिर का दरवाजा

The Desi Awaz 2019-01-10 06:14:49

भारत में केरल राज्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए काफी मशहूर है। केरल के तिरुवंतपुरम में स्थित पद्मनाम स्वामी मंदिर है। जिसकी विश्व भर में मान्यता है। हाल ही में यह मंदिर काफी चर्चा में था। शायद आपको मालूम नहीं होगा पर यह मंदिर रहस्यमयी स्थानों की गिनती में आता है। इस मंदिर में देश-विदेश से लोग दर्शन करने के लिए आते हैं।

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। केवल हिंदू धर्म को मानने वाले लोग यहां आ सकते हैं। इस मंदिर में एंट्री करने के लिए एक विशेष प्रकार का ड्रेस कोड भी है। जो कि भक्तों के लिए अनिवार्य है।

ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में काफी ज्यादा मात्रा में पैसा है। इस वजह से इस मंदिर के दरवाजों को की वर्क सुप्रीम कोर्ट द्वारा ही खोला जा सकता है। अभी तक इस मंदिर के 6 दरवाजों को खोला गया है। इन दरवाजों में से करीब 1,32,000 करोड़ की संपत्ति अभी तक बरामद हो चुकी है। लेकिन अभी तक इस मंदिर के सातवें दरवाजे को नहीं खोला जा सका है।

इस मंदिर के अंदर भगवान विष्णु की एक अद्भुत मूर्ति रखी हुई है। जिसकी वजह से इसकी देश के वैष्णव मंदिरों में खासी गिनती होती है। आपको बता दें कि यह दुनिया का सबसे अमीर मंदिर भी है। यह मंदिर अपने आप में काफी ज्यादा रहस्यमयी है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर में एक दरवाजा ऐसा भी है। जिसे कोई सिद्ध पुरुष ही खुल सकता है। लेकिन फिर भी इस मंदिर के दरवाजों को कोई अभी तक खोल नहीं पाया है।

बता दें कि इस रहस्यमयी मंदिर के खजाने में करीब 2 लाख करोड़ का सोना है। इतिहासकारों का ऐसा मानना है कि इस मंदिर में अनुमानित राशि से करीब 10 गुना ज्यादा राशि मौजूद है। जिसकी असल कीमत लगा पाना बेहद ही मुश्किल है।

ऐसा माना जाता है कि 18 वीं सदी में त्रावणकोर के राजाओं ने इस मंदिर में भगवान पद्मनाम स्वामी की मूर्ति की स्थापना की थी। इतिहासकारों के पास इस बात की कोई जानकारी नहीं है। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वर्तमान में इस मंदिर की देखरेख का कार्य एक शाही परिवार के अधीन है।

इस मंदिर का निर्माण 6वीं सदी के त्रावणकोर के महारज ने कराया था। इस मंदिर के तहखाने की मोटी दीवारों में खजाना छुपाया गया है। किसी ने भी इस मंदिर के दरवाजों को खोलने की कोशिश नहीं की जिसके बाद इसे शापित माना जाने लगा। इस मंदिर के सातवें दरवाज़े को जब खोलने की कोशिश की गई। तो जहरीले सांपो के काटने से सभी लोगों की मृत्यु हो गई। इसके बाद से कोई भी इसके साथ में दरवाजे खोलने की कोशिश नहीं करता है।

कुछ लोग ऐसा कहना है कि इस मंदिर का सातवां दरवाजा केवल कुछ मंत्रों के उच्चारण के बाद ही खुल सकता है। इसके अलावा कोई और तरीका अपनाया जाएगा। तो मंदिर पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा। आपको बता दें कि इस मंदिर का दरवाजा स्टील का बना हुआ है। जिस पर दो सांप भी बने हुए हैं। ऐसा कहा जाता है कि ये साप इस दरवाजे की रक्षा करते हैं।

इस मंदिर की गुत्थी सुलझाना देने वाला सिद्ध पुरुष अभी तक नहीं मिला है। इस मंदिर के दरवाजे को खोलने के लिए कई बार वैदिक साधना करने वाले साधुओं ने भी कोशिश की थी। लेकिन वह सफल नहीं हो पाए हैं। इसी कारण इस रहस्यमयी मंदिर का सातवां दरवाजा आज तक निकल पाया है।