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कहीं आप भी तो सेल्फी लेते वक्त अजीबोगरीब हरकतें नहीं करते!

Chauthi Duniya 2019-01-10 11:46:57

आजकल सेल्फी का खुमार ऐसा फैला है कि हर कोई सेल्फी का दीवाना है. सिर्फ युवा वर्ग ही नहीं बच्चा हो या बड़ा हर कोई सेल्फी लेने में माहिर है. सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर के लोगों के रिएक्शन पाने का शौक अब एक बुरी आदल में बदलता जा रहा है.

हार्ट केयर फाउंडेशन ( एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के. के. अग्रवाल ने मुताबिक, “आज की पीढ़ी दूसरों की तारीफ पाने की निरंतर तलाश करती है. युवा दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि उन्होंने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसे और कोई नहीं कर सकता. सेल्फी लेने में जितनी हिम्मत दिखाई जाए, उतनी ही प्रशंसा मिलती है. इस तरह की सेल्फी से उन्हें अपने साथियों से तुरंत स्वीकृति मिलने में मदद मिलती है.”


उन्होंने कहा, “हम एक ऐसे युग में रहते हैं जहां मोबाइल फोन हमारे जीवन में प्रवेश कर चुका है और वास्तविक मानवीय संपर्क लगभग न के बराबर है. हालांकि प्रौद्योगिकी ने सभी के लिए जीवन को आसान बना दिया है, लेकिन इसके साथ एक गंभीर सीमा भी है. इनमें से एक है सेल्फी लेना और कई विकृतियों के साथ समस्या की पड़ताल करना, जिसमें मानसिक और शारीरिक दोनों कठिनाइयां शामिल हैं और सबसे ताजा है सेल्फी रिस्ट.”

डॉ. अग्रवाल ने कहा, “पिछले दो वर्षों में दुनिया भर में सेल्फी का बुखार बढ़ा है. सेल्फी को दुनिया भर में बड़ी संख्या में मृत्यु दर और महत्वपूर्ण बीमारी से जोड़ा गया है.”


डॉ. अग्रवाल के मुताबिक, मोबाइल के जितना कम इस्तेमाल करें उतना ही ये आपके लिए अच्छा है. क्योंकि मोबाइल हमें अपनों से दूर करता जा रहा है. इसलिए मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ काम करने के लिए ही सीमित होना चाहिए वरना ये हमारे दैनिक जीवन को काफी हद तक प्रभावित करेगा.



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