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मूवी रिव्यू: देशभक्ति से औतप्रौत एक बेहतरीन वॉर फिल्म ‘उरी’

MayaPuri 2019-01-12 11:43:18

रेटिंग***

2016 में उरी में सोते हुये जवानों की नृशंता से की गई सामूहिक हत्याओं का बदला इंडियन आर्मी ने एक सर्जिकल ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान में घुसकर दोषी आंतकवादियों को मारकर पूरा किया। डायरेक्टर आदित्य धर की फिल्म ‘द सर्जिकल स्ट्राइक’ उसी ऑपरेशन पर आधारित वॉर फिर फिल्म है।

कहानी

मेजर विहान शेरगिल इंडियन आर्मी का जाबांज कमांडों है। कश्मीर में वो बेहतरीन काम कर रहा है लेकिन अपनी मां की बीमारी की बदौलत वो नोकरी छोड़ना चाहता है, लेकिन पीएम मोदी उसका ट्रांसफर दिल्ली करवा देते हैं जंहा उसका घर है तथा वहां उसकी मां और शादीशुदा बहन और कहनोई मोहित रैना रहते हैं। एक बादर आतंकी कश्मीर में आर्मी बेस पर अटैक करते हैं और सोते हुय कितने ही निर्दोश जवानों को मार देते हैं। जिसमें मेजर विहान का बहनोई करण भी है। उसका बदला लेने के लिये सरकार का उच्च अधिकारी परेश रावल अपने सहयोगियों तथा पीएम के सामने निर्दोश जवानों का बदला लेने के लिये पाकिस्तान की सरजमीं के भीतर घुसकर उस कांड के दोशियों को सजा देने का प्लान बनाते हैं जिसे सर्जिकल स्ट्राइक नाम दिया जाता है। उस ऑपरेशन में विहान स्वंय आगे आकर उसमें शामिल होना चाहता है। परेश रावल तथा पीएम विहान की जाबांजी और सूधबूझ के देखते हुये उस ऑपरेशन की कमांड उसके हाथां में दे देते हैं। विहान भी वादा करता है कि वो अपने सभी जवानों के साथ ऑपरेशन कंपलीट कर पीएम के साथ डिनर करेगा। इसके बाद विहान अपनी टीम के साथ एलओसी पार कर सभी दोषी आंतकियों का सफाया कर अपने जवानों के साथ सकुशल लौट आता है। इसके बाद उसे और उसकी टीम को पीएम समेत पूरे देश की शबासी हासिल होती है।

डायरेक्शन

उरी एक ऐसी वॉर फिल्म है जिसमें दो हजार सोलह में इंडियन आर्मी के जाबांज कमांडोज द्धारा सर्जिकल स्ट्राइक के तहत अपने जवानों का बदला लेने की सच्ची कहानी पर आधारित एक ऐसी बेहतरीन फिल्म है जिसे देखते हुये दर्षक जैसे साक्षात देख रहा हो कि किस प्रकार एलओसी पार कर पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक के तहत हमारे जवान भीतर घुसकर आतंकवादियों का सफाया करते हैं। फिल्म में आर्मी की जंग देखते हुये शिद्दत से एहसास होता है कि उनमें देश भक्ति की भावना किस कदर प्रबल होती है। इंडियन आर्मी के कंमाडो और पाकिस्तानी आतंकीयों के बीच एक्शन का एक एक दृष्य रोयें खड़े कर देने वाला है। फिल्म की पटकथा तथा संवाद काफी जोशील हैं। कैमरा वर्क भी बेहतरीन रहा तथा बैकग्राउंड म्यूजिक खासकर एक्शन सीनों को और प्रभावशाली बनाता है।

अभिनय

अभिनय की बात की जाये तो मेजर विहान शेरगिल की भूमिका में विक्की कौशल ने आर्मी कंमाडो की भूमिका जैसे किरदार में घुसकर अदा की है। वो वाकई बॉलीवुड का एक प्रतिवान अदाकार है। आर्मी इंटेलीजेंस की एजेंट के रोल में यामी गौतम बेहतरीन लगी तथा छोटी भूमिका में कीर्ती कुल्हारी भी बढ़िया काम कर गई। उच्चधिकारी के किरदार में परेश रावल को ज्यादा कुछ करने का मौका नहीं मिला जबकि मोहित रैना फोजी के किरदार में खूब जमे हैं।

क्यों देखें

देश भक्ति से औतप्रौत इस बेहतरीन वॉर फिल्म को मिस करना एक अपराध की तरह होगा।