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गजब! एक ही फोटो से खोला 14 एकाउंट, जबतक बैंक को चलता पता, ले उड़ा 2 करोड़

Eenadu India hi 2019-01-12 21:36:00

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.


नई दिल्ली: कम पढ़े लिखे युवकों ने अरबों का कारोबार करने वाले बैंक को इस कदर ठगा कि उन्हें घटना के बाद इसकी भनक लगी. ठगी के इस मामले में तीन युवकों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज पर एचडीएफसी बैंक में खाता खोलें और इसके आधार पर क्रेडिट कार्ड एवं लोन लेकर फरार हो गए.


पुलिस ने इस गैंग के द्वारा 2 करोड़ से ज्यादा की ठगी करने की संभावना जताई है. तीनों आरोपी 8वीं से 12वीं तक पढ़े हैं. अतिरिक्त आयुक्त राजीव रंजन के अनुसार एचडीएफसी बैंक को पता चला कि उनके यहां 14 बैंक खाते अलग-अलग नाम से खोले गए हैं. लेकिन इन सभी पर एक ही शख्स का फोटो लगा हुआ है. इनके जरिए आरोपियों ने क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन दिया. इसके अलावा पर्सनल लोन भी लिए. लोन लेने के बाद वह फरार हो गए. बैंक ने जब उनके केवाईसी डिटेल की जांच की तो वह फर्जी निकले. उनके द्वारा दिए गए फोन नंबर भी बंद हो गए. सब्जी मंडी इलाके के बैंक से 62 लाख जबकि बराखम्बा इलाके के 7 बैंक खातों के जरिये 20 लाख रुपये की ठगी हुई थी. इन्हें लेकर दोनों थाने में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थी.

ठगी की इन वारदातों को ध्यान में रखते हुए क्राइम ब्रांच की टीम जांच कर रही थी. बीते 11 जनवरी को उन्हें सूचना मिली कि ठगी के आरोपी पटेल नगर से गैंग चलाते हैं. इस जानकारी पर एसीपी अरविंद कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर सतीश कुमार की टीम ने छापा मारकर पटेल नगर मेट्रो स्टेशन के पास से श्रवण कुमार और मनीष तिवारी को गिरफ्तार कर लिया. उनकी निशानदेही पर उनके तीसरे साथी मोहित कुमार को भी पकड़ा गया. इनके पास से 22 पैन कार्ड, 9 आधार कार्ड, 21 वोटर कार्ड, 4 ड्राइविंग लाइसेंस, 38 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, एक लैपटॉप और एक बाइक बरामद की गई.

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आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बाटला निवासी डॉ. महबूब और हाजीपुर निवासी अभिषेक इस पूरे रैकेट के सरगना है. उन्होंने ही फर्जी दस्तावेज देकर उन्हें बैंक खाता खुलवाने के लिए कहा था. खाता खुलवाने के बाद वह उसमें पैसे जमा कराते हैं ताकि उनके खाते से यह लगे कि उसमें काफी रकम आती-जाती है. इसके बाद वह क्रेडिट कार्ड और लोन लेकर फरार हो जाते हैं. लोन के समय इनसे केवाईसी डिटेल नहीं मांगी गई थी जिसका उन्होंने फायदा उठाया.

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आरोपी श्रवण कुमार आठवीं क्लास तक पढ़ा है. वह पहले एक राष्ट्रीयकृत बैंक में ग्राहकों के दस्तावेज जमा करता था. उसी दौरान उसकी मुलाकात डॉ. महबूब से हुई और वह इस गैंग का हिस्सा बन गया. मनीष तिवारी 12वीं पास है. वह पहले बीपीओ में एग्जीक्यूटिव का काम करता था. उसकी मुलाकात अभिषेक से हुई और वह इस गैंग का हिस्सा बन गया. मोहित 12वीं तक पढ़ा है. वह पहले एक मोबाइल कंपनी के साथ काम करता था. इस दौरान वह डॉ. महबूब अली से मिला और इस गैंग का हिस्सा बन गया.