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महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल

Udaipur Kiran Hindi 2019-12-09 13:26:59

नई दिल्ली. कच्चा तेल उत्पादक और निर्यातक देशों का संगठन ओपेक द्वारा फिर पांच लाख बैरल रोजाना तेल के उत्पादन में कटौती करने के फैसले से पिछले दिनों कच्चा तेल के दाम में करीब चार डॉलर प्रति बैरल की वृद्धि दर्ज की गई और आगे कीमतों में और तेजी रहने की संभावना जताई जा रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम बढऩे से पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी तय है, क्योंकि भारत अपनी तेल खपत के लिए मुख्य रूप से आयात पर निर्भर करता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में बीते सप्ताह ब्रेंट क्रूड का भाव 64.88 डॉलर प्रति बैरल तक उछला, जोकि 23 सितंबर के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है. एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (एनर्जी और करंसी रिसर्च) अनुज गुप्ता का कहना है कि ओपेक ने अगले साल जनवरी से पांच लाख बैरल रोजाना और तेल के उत्पादन में कटौती का फैसला लिया है, जबकि संगठन 12 लाख बैरल रोजाना की कटौती पहले से ही कर रहा है, ऐसे में आने वाले दिनों में तेल के दाम में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.