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Donald Trump का भारत दौराः मोदी सरकार Dairy और Poultry इंडस्ट्री में दे सकती है यूएस को छूट, 8 करोड़ लोगों की रोजी-रोटी पर खतरे का डर

Jansatta 2020-02-14 14:41:24
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ पीएम मोदी। (फाइल फोटो)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आगामी 24-25 फरवरी को भारत दौरे पर आने वाले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस दौरे पर दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर कुछ समझौते हो सकते हैं। हालांकि इसी हफ्ते 13 फरवरी को यूएस के व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लेथाइजर भारत आने वाले थे, लेकिन उन्होंने अपना यह दौरा रद्द कर दिया था।

दौरा रद्द होने के लिए अमेरिका की तरफ से कोई वजह नहीं बतायी गई थी। हालांकि ऐसी खबरें हैं कि रॉबर्ट लेथाइजर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत आने वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हो सकते हैं। अब न्यूज एजेंसी रायटर्स के हवाले से खबर आयी है कि, भारत ने अमेरिका के साथ संभावित ट्रेड डील के लिए अपनी डेयरी और पोल्ट्री इंडस्ट्री में छूट देने का ऑफर दिया है।

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यदि मोदी सरकार ट्रेड डील करने के लिए देश की डेयरी और पोल्ट्री इंडस्ट्री को अमेरिका के लिए खोलने का फैसला करती है तो इसका असर देश के 8 करोड़ लोगों की आजीविका पर पड़ सकता है।

दरअसल भारत, दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है। भारत ने पारंपरिक तौर पर देश के 8 करोड़ लोगों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए, जिनमें अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हैं, डेयरी प्रोडक्ट्स के आयात पर रोक लगायी हुई है। लेकिन यदि मोदी सरकार इस क्षेत्र में अमेरिका को निर्यात पर कोई छूट देती है तो इसका सीधा असर भारतीय दुग्ध उत्पादकों और डेयरी प्रोडक्ट के बिजनेस पर पड़ सकता है।

इसकी वजह ये हो सकती है कि भारत में दुग्ध उत्पादन आज भी पारंपरिक तरीके से और छोटे स्तर पर होता है। हालांकि सहकारिता के माध्यम से यह देश की डेयरी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। वहीं अमेरिका की डेयरी इंडस्ट्री काफी उन्नत मानी जाती है और उनके पास संसाधनों की भी कोई कमी नहीं है। ह

ऐसे में आशंका जतायी जा रही है कि यदि भारत सरकार अमेरिका के लिए अपने डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र को खोलने का फैसला करती है तो अमेरिका की बड़ी-बड़ी कंपनियों के सामने हमारे छोटे किसान और दुग्ध उत्पादक प्रतिस्पर्धा में बुरी तरह पिछड़ सकते हैं। हालांकि अभी तक सरकार अपने फैसले पर विचार कर रही है और कुछ भी अभी फाइनल नहीं हुआ है।

खबर के अनुसार, सरकार ने अमेरिका से चिकन के आयात पर भी टैक्स में छूट देने का ऑफर दिया है। अभी तक चिकन लेग पर 100% टैक्स लगता है, जिसे अब घटाकर 25% किया जा सकता है। हालांकि अमेरिका की मांग है कि इसे और घटाकर सिर्फ 10% पर लाया जाए। यदि यह डील होती है तो देश की पोल्ट्री इंडस्ट्री पर इसका बुरा असर पड़ने की आशंका है।

गौरतलब है कि बीते दिनों भारत 16 प्रमुख देशों के रीजनल कॉम्प्रिहेंसिव इकनॉमिक पार्टनरशिप (RCEP) से भी पीछे हट गया था। दरअसल RCEP में शामिल देशों के बीच, जिनमें चीन, न्यूजीलैंड, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया समेत 10 आसियान देश शामिल थे, मुक्त व्यापार के लिए ब्लॉक स्थापित करने पर विचार किया गया था।

उस वक्त भारत ने अपनी इंडस्ट्री की रक्षा करने के लिए इस समझौते से पीछे हटने का फैसला किया था। ऐसी खबरें आयीं थी कि इस समझौते से पीछे हटने के प्रमुख कारणों में न्यूजीलैंड के डेयरी प्रोडक्ट्स से मिलने वाली तगड़ी प्रतिस्पर्धा के तहत भारत सरकार ने यह फैसला लिया था।

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी पहली भारत यात्रा पर 24 फरवरी को गुजरात के अहमदाबाद पहुंचेंगे। इसके बाद वह दिल्ली आएंगे। ट्रंप के इस दौरे को लेकर सरकार ने बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं।


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