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कोरोना के कारण आजमगढ़ डब्ल्युएचओ के हवाले, संक्रमण के बचाव के लिए करेंगी यह काम

Patrika 2020-04-06 20:03:33

आजमगढ़. यूपी के अति संवेदनशील जिलों में शामिल आजमगढ़ में कोरोना का कहर देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन भी गंभीर हो गया है। तीन जमातियों के पॉजिटिव मिलने और सैकड़ों के छिपे होने की आशंका के बीच जिला प्रशासन तो सतर्क हैं ही, सोमवार को डब्ल्युएचओ की टीम भी यहां पहुंच गयी। टीम में शामिल लोग सबसे पहले सर्वाधिक संवेदनशील क्षेत्र मुबारकपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की और फैसला लिया कि क्षेत्र में सभी की स्क्रीनिंग करायी जाएगी। इस दौरान स्क्रीनिंग के लिए 64 टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें कस्बा और तीन किमी के दायरे में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करने के साथ ही सैनिटाइजेशन का कार्य करेंगी। इसमें पालिकाकर्मियों के साथ ही अध्यापकों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। माना जा रहा कि इससे कोरोना के संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी। टीमें अब तक मुबारकपुर कस्बे में 450 लोगों की स्क्रीनिंग कर 45 का सेंपल एकत्र कर चुकी हैं। सभी संदिग्ध लोगों को क्वॉरेंटाइन करने की भी व्यवस्था की जा रही है। डब्ल्युएचओ के अधिकारियों के मुताबिक जिन जिलों के लोग तब्लीगी जमात में शामिल हुए हैं और वहां संक्रमित लोग पाए गए हैं। उसे अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है।

यूपी में 17 जिलों को बड़ी चुनौती के रूप में लिया जा रहा है। इसमें पूर्वांचल के मिर्जापुर, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी और आजमगढ़ जिला शामिल हैं। यही वजह है कि सोमवार को डब्ल्यूएचओ के दो प्रतिनिधि मुबारकपुर सीएचसी पर पहुंचे थे। उन्होंने सीएचसी प्रभारी व स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही सठियांव पीएचसी प्रभारी के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। निर्णय लिया गया कि मुबारकपुर कस्बों और आसपास के तीन किमी के दायरे में आने वाले गांवों का सर्वे, लोगों की स्क्रीनिंग के साथ ही सैनिटाइजेशन का कार्य किया जाएगा।

स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के लिए 64 टीमें बनाई गई हैं। सर्दी, जुकाम, खांसी से ग्रसित लोगों की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। सीएचसी प्रभारी डॉ. सी यादव ने बताया कि सर्वे के लिए स्थानीय चिकित्सकों सहित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आसपास के कुछ शिक्षकों और पालिका की टीम का सहयोग लिया जाएगा। तीन दिनों के भीतर ये कार्य पूरा कराया जाना है। स्थानीय तौर पर मैन पावर की काफी कमी है। इस कार्य को पूर्ण कराने में 120 कर्मचारियों जरूरत है। जिला प्रशासन से वार्ता कर मैनपावर को पूरा करने का भी प्रयास किया जा रहा है। अब तक कस्बे में कुल 450 लोगों की नार्मल जांच की जा चुकी है। इसमें कुल 41 लोगों की सैंपलिंग कराई गई है।