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पंजाब में Coronavirus से तीन और मौतें, Covid-19 के मरीज हुए 73

Patrika 2020-04-06 20:07:54

चंडीगढ़। पंजाब में कोरोनावायरस से तीन और मरीजों की मौत हो गई। अमृतसर में नगर निगम के पूर्व एडिशनल कमिश्नर, लुधियाना व पठानकोट की एक-एक महिला की मौत हुई है। तीनों की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं थी। इसके साथ ही पंजाब में कोरोनावायरस से मौत की संख्‍या आठ पहुंच गई है। पंजाब में सोमवार को दो और कोराना सकारात्मक मरीज की पुष्टि हुई। अब पंजाब में कोरोनावायरस के सकारात्मक मरीजों की संख्या 73 हो गई है।

सोमवार की स्थिति

सोमवार सुबह फतेहगढ़ साहिब दो महिलाओं में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई। बरनाला और कपूरथला में पहले पॉजिटिव केस आए हैं। कपूरथला में पॉजिटिव आया व्यक्ति जमाती है। रूपनगर में भी दो केस पॉजिटिव आए हैं। रविवार को कुल चार केस कोरोना संक्रमित केस सामने आए। तब्लीगी जमात से फतेहगढ़ साहिब पहुंचे 32 लोगों में से दो महिलाएं कोरोना पॉजिटिव पाई गईं। दोनों महिलाएं औरंगाबाद की रहने वाली हैं। दोनों को आइसोलेशन में रखा गया था। दोनों महिलाओं के संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है।

पूर्व एडिशनल कमिश्नर की मौत

अमृतसर में सोमवार को करोना वायरस से एक ओर मोत हो गई है। मरने वाले पूर्व एडिशनल कमिश्नर थे। उन्हें रविवार को गुरुनानक देव अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से दाखिल करवाया गया अस्पताल के लापरवाही वाले रवैये को देखते हुए जिला प्रशासन ने उन्हे शिफ्ट करके फोर्टिस हॉस्पिटल में दाखिल करवाया, जहा उनकी आज सुबह मौत हो गई। अमृतसर के चाटीविंड क्षेत्र की चन्नन सिंह कॉलोनी में रहने वाले पूर्व एडिशनल कमिश्नर कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। खास बात यह है कि पूर्व एडिशनल कमिश्नर की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं थी। 29 मार्च को उन्हें खांसी-जुकाम की शिकायत हुई तो वे गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती हुए थे। डॉक्टरों ने उनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे, पर रिपोर्ट निगेटिव आई थी। ऐसे में डॉक्टर ने उन्हें मेडिसिन वार्ड में दाखिल होने को कहा, पर हालात देखकर उन्होंने भर्ती होने से इनकार कर दिया। वह घर लौट गए, लेकिन खांसी-जुकाम के साथ सांस की तकलीफ बढ़ गई। फिर वह दोबारा गुरु नानक देव अस्पताल में आए। डॉक्टरों ने उन्हें वेंटीलेटर पर ट्रीटमेंट लेने को कहा, पर वह बिना इलाज करवाए फोर्टिस अस्पताल में दाखिल हो गए। फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों को उन्होंने मेडिकल कॉलेज स्थित इंफ्लुएंजा लैब की निगेटिव रिपोर्ट दिखाई। हालांकि डॉक्टरों ने भांप लिया था कि उनमें कोरोना के लक्षण हैं, इसलिए उन्होंने एसएलआर लैब से टेस्ट करवाया, जिसकी रिपोर्ट रविवार को पॉजिटिव आई। बताया जा रहा है कि पूर्व एडिशनल कमिश्नर वर्तमान में अमृत प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट के रूप में काम कर रहे थे। इसलिए स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि पिछले एक माह में वे किन लोगों के संपर्क में आए। स्वास्थ्य विभाग ने उनकी पत्नी व बेटी को भी आइसोलेट कर लिया था। दोनों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हुए हैं।

लुधियाना और पठानकोट में दो महिलाओं की मौत

लुधियाना के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कोरोना से संक्रमित 69 साल की महिला ने दम तोड़ा। महिला को 31 मार्च को अस्पताल में भर्ती किया गया था। 2 अप्रैल को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। लुधियाना के सिविल सर्जन डॉ. राजेश बग्गा के अनुसार महिला मोहाली की संक्रमित एक अन्य महिला के संपर्क में आई थी। दूसरी तरफ पठानकोट के सुजानपुर की 75 वर्षीय महिला ने अमृतसर के जीएनडीयू अस्पताल में दम तोड़ दिया। यह जिले का पहला पॉजिटिव केस था। महिला को 1 अप्रैल को पठानकोट से अमृतसर रेफर किया गया था। चार अप्रैल को उसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। महिला के 12 परिजनों को चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज में आइसोलेट किया गया था। सुजानपुर कस्बे को सील कर दिया गया।

मोहाली में कोरोना के 16 केस

वहीं सोमवार को मोहाली में एक और कोरोना पॉजिटिव केस सामने सामने आया। पीड़ित सेक्टर 68 का रहने वाला है। उसकी उम्र 29 साल है। पीड़ित के पिता पहले से ही कोरोना संक्रमित हैं। उनका ज्ञान सागर अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं युवक रिपोर्ट सोमवार सुबह सेहत विभाग के पास पहुंची। सिविल सर्जन मोहाली मनजीत सिह ने इसकी पुष्टि की है। पीड़ित के पिता दिल्ली में हुए धर्मिक समागम में शामिल होकर आए थे। इसके साथ ही मोहाली में कोरोना पीड़ितों की संख्या 16 हो गई। इनमें से एक व्यक्ति की मौत तक हो चुकी है। इसके साथ ही प्रदेश में मृतकों की संख्या आठ हो गई और पॉजिटिव मरीजों की संख्या 70 हो गई।