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राज्य के बाहर लॉकडाउन में फंसे बिहार के मजदूर एवं जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए सहायता राशि पहुंचाने वाला पहला देश बना बिहार

Live Cities 2020-04-06 20:05:17

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 1 अणे मार्ग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष से मुख्यमंत्री विशेष सहायता अन्तर्गत बिहार से बाहर लॉकडाउन के कारण फंसे बिहार के लोगों को सहायता राशि 1,000 रूपये की दर से सीधे बैंक खाते में डी0बी0टी0 के माध्यम से भुगतान की योजना का शुभारंभ किया. योजना का शुभारंभ होते ही अन्य राज्यों में फंसे 1 लाख 3 हजार 579 बिहार के लोगों के खाते में 10 करोड़ 35 लाख 79 हजार रूपये की राशि स्थानतरित की गयी. अब- तक 2 लाख 84 हजार 674 आवेदन प्राप्त हुए है. आवेदनों के प्राप्त होने का क्रम जारी है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जांचोपरान्त अन्य लाभुकों के खाते में राशि जल्द से जल्द स्थानतरित करना सुनिश्चित किया जाए.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ल़ॉकडाउन के कारण बिहार के जो लोग बिहार के बाहर अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं. उन्हें प्रति व्यक्ति एक हजार रूपये की राशि विशेष सहायता के रूप में मुख्यमंत्री राहत कोष से देने का निर्देश दिया था. मुख्यमंत्री सचिवालय एवं बिहार भवन के हेल्पलाइन नंबर पर तथा आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार के नियंत्रण कक्ष के दूरभाष पर बाहर फंसे लोगों द्वारा सूचनाएं दी गयी थी. मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन सभी लोगों से मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा दूरभाष के माध्यम से वापस फीडबैक प्राप्त किया गया. फीडबैक से पता चला कि लॉकडाउन में फंसे लोग संकट से गुजर रहे हैं. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनकी परेशानी को कम करने के लिये प्रति व्यक्ति 1,000 रूपये की राशि मुख्यमंत्री विशेष सहायता के रूप में मुख्यमंत्री राहत कोष से देने का निर्णय लिया था.


मुख्यमंत्री सचिवालय एवं बिहार भवन के हेल्पलाइन नंबर पर तथा आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार के नियंत्रण कक्ष के दूरभाष पर बाहर फंसे जिन लोगों ने सूचनाएं दी थीं, उन्हें उनके मोबाइल पर एस0एम0एस0 के माध्यम से एक लिंक भेजा गया था. उसके आलोक में बाहर फंसे हुए लोगों की विवरण प्राप्त हुई. इसके अतिरिक्त बेवसाइट से भी एप्प डाउनलोड कर काफी लोगों ने अपना रजिस्टेªषन कराया.

लिंक पर विभिन्न राज्यों से बिहार के बाहर के लोगों के जो आवेदन प्राप्त हुए हैं, उसमें दिल्ली से 55,264, हरियाणा से 41,050, महाराष्ट्र से 30,576, गुजरात से 25,638, उत्तर प्रदेश से 23,832, पंजाब से 15,596, कर्नाटक से 15,428, तमिलनाडु से 11,914, राजस्थान से 11,773, पश्चिम बंगाल से 9,527, तेलंगाना से 7,245, मध्य प्रदेश से 5,690, झारखण्ड से 5,359, आंध्रप्रदेश से 3,991, केरल से 3,087, असम से 3,070, ओडिशा से 2,714, उत्तराखंड से 2,544, हिमाचल प्रदेश से 2,519, छत्तीसगढ़ से 1,956, चण्डीगढ़ से 1,249, जम्मू-कश्मीर से 885, गोवा से 834, दादर एवं नागर हवेली से 752, दमन एवं दीव से 524, नागालैंड से 381, अरूणाचल प्रदेश से 256, सिक्किम से 254, मेघालय से 230, मणिपुर से 145, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह से 135, त्रिपुरा से 124, मिजोरम से 68, पुडुचेरी से 56 एवं लक्षद्वीप से 8 कुल 2 लाख 84 हजार 674 हैं. अभी आवेदनों के प्राप्त होने का क्रम जारी है.

योजना के शुभारंभ के पश्चात मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहायता राशि सबको मिल जाय, यह सुनिश्चित किया जाए. 3 हजार से ज्यादा लोगों के फोन आये, उनकी समस्या जानी गयी, अभी भी लोगों के फोन आ रहे हैं. उसके आधार पर उनसे सम्पर्क कर उन्हें आवेदन करने के बारे में जानकारी दी जा रही है. उन्हें समझाया गया कि अभी आप जहां हैं, वहीं रहिए. आपकी समस्या के समाधान के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है. बिहार सरकार की तरफ से हमलोग जरूरी मदद करेंगे. इसी सिलसिले में उनसे उनका डिटेल्स मांगा गया. डिटेल्स प्राप्त होने के बाद हमलोगों ने तय किया कि हमलोग आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से उन्हें सहायता राशि देंगे. हमलोग आपदा प्रबंधन विभाग को मुख्यमंत्री राहत कोष से सौ करोड़ रूपये का आवंटन पहले ही कर चुके हैं जो बिहार के रहने वाले बाहर फंसे हुए हैं, उन्हें 1,000 रूपये प्रति व्यक्ति की दर से मदद दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जितनी तेजी से आप लोगों ने इसको आइडेंटिफाई किया है और उस पर अमल कर रहे हैं, इसके लिए मैं आप सबको धन्यवाद देता हूं और यही उम्मीद करता हूं कि जल्द से जल्द शेष लाभुकों के खाते में राषि अंतरित कर दी जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के बाहर दिल्ली एवं अन्य शहरों में लोगों की मदद के लिए कैम्प चलाये जा रहे हैं. दिल्ली में दस जगहों पर कैम्प बनाकर लोगों को भोजन एवं फूड पैकेट उपलब्ध कराया जा रहा है. इन जगहों पर जो किया जा रहा है, उसकी निरंतर निगरानी करते रहें और जहां जिस चीज की आवश्यता हो, उसे उपलब्ध कराए. उन्होंने कहा कि राज्य के अंदर भी जो राहत कैम्प चलाये जा रहे हैं, उसकी भी निगरानी करते रहें ताकि लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध हो सके.

इस अवसर पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह उपस्थित थे, जबकि आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेष्वर राय, प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन प्रत्यय अमृत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे.