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Coronavirus: गृह मंत्रालय के सभी राज्यों को सख्त निर्देश, मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई रहे सुगम

Patrika 2020-04-06 20:06:00

नई दिल्ली। देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के क्रम में गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति को सुगम और व्यवधान रहित बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने के लिए सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है। इसमें जोर देकर कहा गया कि COVID-19 महामारी के मद्देनजर देश में मेडिकल ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने की जरूरत है। इसके साथ ही मंत्रालय ने मेडिकल ऑक्सीजन को आवश्यक दवाइयों की राष्ट्रीय सूची और डब्ल्यूएचओ की सूची में भी शामिल कर दिया है।

गृह मंत्रालय ने कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए देश में लागू लॉकडाउन के मद्देनजर भारत सरकार, राज्य/ संघ शासित क्षेत्रों की सरकारों के मंत्रालयों/विभागों और राज्य/संघ शासित क्षेत्रों अधिकारियों के लिए बीते 24 मार्च को दिशा-निर्देश जारी किए थे। बाद में इनमें कई बार संशोधन किया गया।

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समेकित दिशा-निर्देशों के माध्यम से मेडिकल डिवाइस की विनिर्माण इकाइयों, उनके कच्चे माल और मध्यवर्ती सामग्रियों; उनकी पैकेजिंग सामग्रियों की विनिर्माण इकाइयों; आवश्यक वस्तुओं और चिकित्सा आपूर्तियों की ढुलाई तथा संसाधनों, कामगारों और सामग्रियों की आवाजाही, अस्पताल संबंधी बुनियादी ढांचे के विस्तार को स्वीकृति दी गई है।

इसके अलावा सभी राज्यों को 3 अप्रैल 2020 को भेजे गए पत्र के माध्यम से छूट प्राप्त सामानों की आपूर्ति श्रृंखला के सुचारू कामकाज के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, जिसमें कर्मचारियों की अंतर-राज्यीय आवाजाही भी शामिल थी।

सप्लाई के दिशा-निर्देश

उक्त दिशा-निर्देशों के मद्देनजर गृह सचिव ने लॉकडाउन उपायों पर जारी दिशा-निर्देशों के विभिन्न नियमों के अंतर्गत अपवादों का दोहराया और स्पष्ट किया है:

  • मेडिकल ऑक्सीजन गैस/तरल, मेडिकल ऑक्सीजन सिलिंडर, तरल ऑक्सीजन के भंडारण के लिए क्रायोजेनिक टैंक, लिक्विड क्रायोजेनिक सिलिंडर, लिक्विड ऑक्सीजन क्रायोजेनिक ट्रांसपोर्ट टैंक, एम्बिएंट वैपोराइजर्स एंड क्रायोजेनिक वाल्व्स, सिलिंडर वाल्व्स एंड एसेसरीज की सभी विनिर्माण इकाइयां;
  • उक्त सामानों की ढुलाई;
  • उक्त सामानों की क्रॉस लैंड बॉर्डर आवाजाही;
  • उक्त उल्लिखित विनिर्माण इकाइयों के कामगारों और उनकी आवाजाही को अनुमति/पास दिए जाने चाहिए, जिससे उन्हें अपने घरों से कारखानों तक जाने और लौटने में दिक्कत नहीं हो। इससे कारखानों का पूर्ण क्षमता के साथ परिचालन सुनश्चित होगा।

सोशल डिस्टेंसिंग का हो पालन

इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि सभी उक्त गतिविधियों में सामाजिक दूरी और पर्याप्त स्वच्छता सुनिश्चित की जानी चाहिए, जैसा लॉकडाउन के कदमों में उल्लेख किया गया है। इन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना संगठन/प्रतिष्ठान के प्रमुख की जिम्मेदारी होगी।

जिला प्रशासन के अधिकारियों से इन नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए कह दिया गया है। साथ ही इस बात पर भी जोर दिया गया कि जिले के अधिकारियों और क्षेत्रीय एजेंसियों को विशेषकर मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति में सख्त नियम पालन के बारे में जागरूक किया जा सकता है।