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कोरोना वायरस: सांसदों का 1 साल तक कटेगा 30 फीसदी वेतन, कैबिनेट ने संशोधित अध्यादेश को दी मंजूरी

Punjab Kesari 2020-04-06 20:04:07

मोदी सरकार ने केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संसद अधिनियम के सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन में संशोधन के अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। 1954 के एक्ट में संशोधन कर सरकार सासदों के भत्ते और पेंशन में 30 फीसदी की कटौती करेगी। यह 1 अप्रैल 2020 से लागू होगा। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके मंत्रि


नेशनल डेस्कः मोदी सरकार ने केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संसद अधिनियम के सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन में संशोधन के अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। 1954 के एक्ट में संशोधन कर सरकार सासदों के भत्ते और पेंशन में 30 फीसदी की कटौती करेगी। यह 1 अप्रैल 2020 से लागू होगा।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके मंत्रिपरिषद के सदस्य और सभी सांसदों ने कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में अपना योगदान देते हुए अगले एक साल तक 30 फीसदी कम वेतन लेंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को यह जानकारी देने के साथ कहा कि राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, और कई राज्यों के राज्यपालों ने भी अपने वेतन में कटौती का निर्णय लिया है। इसके साथ ही कैबनेट ने यह फैसला भी किया कि सांसद निधि को दो साल के लिए निलंबित किया जाएगा। जावड़ेकर के मुताबिक इसकी पेशकश प्रधानमंत्री, मंत्रियों और सांसदों ने कोरोना संकट के मद्देनजर खुद की थी जिसके बाद कैबिनेट ने इस निर्णय पर मुहर लगाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने बताया कि सांसदों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती के संदर्भ में अध्यादेश को मंजूरी दी गयी। जावड़ेकर ने कहा कि यह कटौती 1 अप्रैल 2020 से लागू होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री , मंत्रियों और सांसदों ने खुद अपने सामाजिक उत्तरदायित्व की पेशकश की थी। इसके मद्देनजर सांसदों के वेतन में एक साल के लिए 30 फीसदी की कटौती का निर्णय हुआ।

मंत्री के मुताबिक सांसदों के वेतन, भत्ते और पेंशन से जुड़ा कानून है, इसलिए अध्यादेश का निर्णय हुआ और संसद के आगामी सत्र के दौरान कानून में संसोधन वाले इस अध्यादेश पर संसद की मंजूरी ली जाएगी। मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हुई। जावड़ेकर ने कहा, '' कैबिनेट ने देश भर में कोविड-19 के प्रभाव को कम करने और स्वास्थ्य प्रबंधन को मजबूत करने के लिए 2020-21 और 2021-22 के दौरान सांसद निधि के अस्थायी निलंबन को मंजूरी दी।'' उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और कई राज्यों के राज्यपालों ने भी स्वेच्छा से वेतन में 30 फीसदी में कटौती के लिए पत्र लिखा है।

मंत्री ने कहा, ''कल्याकारी कार्यो की शुरुआत अपने घर से होती है। सभी ने इसी भावना से निर्णय लिया है।'' जावड़ेकर ने कहा कि वेतन में कटौती और सांसद निधि के निलंबन के रूप लिए गए दोनों निर्णय कोरोना के खिलाफ केंद्र एवं राज्य सरकारों की लड़ाई को नयी दिशा देने वाले और महत्वपूर्ण साबित होंगे।