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Special Report: सीमा मसले को लेकर 6 जून को होगी चीन में बात

Rakshak News 2020-06-02 18:43:44
फाइल फोटो

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख के सीमांत इलाकों में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गत पांच मई से चल रही सैन्य तनातनी और दोनों ओर से की जा रही भारी सैन्य तैनाती के मसले पर बात करने के लिये भारतीय राजनयिक पेइचिंग जाएंगे। यह बातचीत चीनी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ छह जून को होगी।

यहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में यह खुलासा किया। गौरतलब है कि दोनों पक्षों ने पहले कहा है कि ताजा मसले पर दोनों पक्षों के बीच सम्पर्क बना हुआ है। पूर्वी लद्दाख के गलवान नदी घाटी इलाका और पेंगोंग झील इलाके में दोनों सैनिकों के बीच मई के पहले सप्ताह में टकराव हुई थी जिससे दोनों पक्षों के सैनिक घायल हुए थे।

इस घटना के बाद चीन ने भारतीय सेना से कहा था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा के अपने इलाके में ढांचागत निर्माण नहीं करे। लेकिन भारत ने कहा कि चूंकि चीनी सेना ने भी वास्तविक नियंत्रण रेखा के अपने इलाके में ढांचागत निर्माण किये हैं इसलिये भारतीय. सेना का भी हक बनता है कि वह इस तरह की सुविधाएं अपने सैनिकों की आवाजाही के लिये विकसित करें।

लेकिन भारत अपनी स्थिति पर अडा है जिसे चुनौती देने के लिये चीनी सेना ने अपने इलाके में भारी संख्या में सैनिकों औऱ बख्तरबंद वाहनों औऱ तोपों को तैनात कर दिया है। भारत ने भी इसी तरह की जवाबी तैनाती की है। दोनों ओर से बढते तनाव को लेकर अंतरराष्टीय समुदाय भी चिंतित हो गया है। अमेरिकी कांग्रेस के विदेशी मामलों की समिति ने तो इसी सोमवार को औपचारिक बयान जारी कर चीन के इस आक्रामक रुख की निंदा की है।

यहां राजनयिक सूत्रों के मुताबिक वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनातनी दूर करने के लिये भारत और चीन के स्थानीय सैन्य कमांडरों के बीच कुछ दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद दोनों पक्षों ने राजनयिक स्तर पर बातचीत करने का फैसला किया है। दोनों पक्षों के बीच आगामी बातचीत संयुक्त सचिव स्तर की होगी। दोनों देशों ने आपसी विवादों को निबटारे के लिये एक मैकेनिज्म तय की थी जिसके अनुरूप ही आगामी छह जून को बातचीत होनी है।