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BIHAR NEWS: स्वास्थ्य संविदा कर्मियों की सरकार को चेतावनी, नहीं मानेगी मांग तो दे देंगे सामूहिक इस्तीफा

Live Cities 2021-05-02 19:22:14

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: कोरोना महामारी इस मुश्किल वक्त में स्वास्थ्य कर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर्स और पुलिस अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए लोगों की सेवा में लगे हुए हैं. ये सभी चौबीसों घंटे अपना दायित्व निभा रहे हैं. इसी बीच बिहार के स्वास्थ्य संविदा कर्मी सरकार ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है. बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि सरकार अगर बीमा और मेडिकल बीमा जैसे कार्यक्रम संविदा कर्मियों के लिए लागू करने का निर्णय 2 दिनों के अंदर नहीं लेती है तो प्रदेश के सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मी सामूहिक इस्तीफा देने को विवश हो जाएंगे और इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रीजिम्मेदार होंगे.

बताते चलें कि कैमूर के स्वास्थ्य प्रबंधक बीरबल कुमार की रविवार को कोरोना से इलाज के दौरान मौत हो गई. बीरबल कुमार संविदा पर स्वास्थ्य कर्मी थे. ऐसे में राज्य सरकार के तरफ से उनका कोई बीमा नहीं था. पिछले 1 साल से वह बिना छुट्टी लिए मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में कोरोना ड्यूटी में काम कर रहे थे.

संघ के सचिव ललन कुमार सिंह का कहना है ‘पिछले 1 साल से स्वास्थ्य मंत्री लगातार सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं कि संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का भी परमानेंट स्वास्थ्य कर्मियों के जैसा स्वास्थ्य बीमा होगा. मगर अब तक संविदा पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के बीमा और मेडिकल बीमा को लेकर सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं किया गया. प्रदेश में कोरोना के इस भीषण विकट परिस्थिति में संविदा स्वास्थ्य कर्मी ही मोर्चा संभाले हुए हैं और ऐसे में उन लोगों का बीमा और मेडिकल बीमा ना हो पाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं.’

संघ के सचिव लालन कुमार सिंह ने कहा कि इस त्रासदी में आमजनों की सेवा प्रदान करते-करते हमारे कर्मठी साथी बीरबल कुमार कोरोना संक्रमित हो गए. उनके बेहतर इलाज के लिए संविदा कर्मी संघ ने ही आपस मे चंदा इकठ्ठा कर उनको बनारस के हॉस्पिटल में भर्ती करवाया मगर वह कोरोना से जंग हार गए. हम सभी संविदा कर्मी के लिए बिहार सरकार की नीति का विरोध एवं निंदा करते है. मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखकर सरकार और कितने स्वास्थ्य संविदा कर्मी को मरते हुए देखना चाहती है?