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‘इश्कबाज’ फेम नकुल मेहता की पत्नी ने शेयर की लेबर रूम की तस्वीरें, सर्जरी के दौरान एक्टर ने यूं दिया था जानकी का साथ

News India Live 2021-05-02 21:28:04

‘इश्कबाज’ फेम एक्टर नकुल मेहता दो महीने पहले ही क्यूट बेटे के पिता बने हैं। उनकी पत्नी जानकी पारेख ने 3 फरवरी 2021 को बेटे को जन्म दिया। तब से कपल अपने लाडले के साथ कई तस्वीरें शेयर कर चुका है। वहीं हाल ही में एक जानकी ने बेटे के जन्म की लेबर रूम से कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही हैं।



पहली तस्वीर में जानकी अपने पति नकुल और न्यू बॉर्न बेटे सूफी के साथ नजर आ रही हैं। इस दौरान जानकी अपने बेबी को देख रही हैं और नकुल कैमरे की ओर देखकर हंस कर रहे हैं। दूसरी वीडियो कॉल के एक स्क्रीनशॉट की तस्वीर है, जिसमें कपल के पेरेंट्स नजर आ रहे हैं।

वहीं तीसरी फोटो जानकी के सिजेरियन डिलीवरी के समय की है, जिसमें वह नकुल अपनी पत्नी का हाथ थामे नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों के साथ जानकी ने अपने डिलीवरी के समय का अनुभव भी शेयर किया है। जानकी ने कैप्शन में लिखा- ‘मुझे अक्सर आश्चर्य होता है कि अगर मेरी सामान्य डिलीवरी होती तो कैसा होता। हां, मुझे जन्म देने से पहले घंटों लेबर पेन से गुजरना पड़ता और मैं जल्दी ठीक भी हो जाती, जैसा कि मुझे मेरे कई दोस्तों और परिवार के सदस्यों ने बताया था, लेकिन क्या यह हर्षित और पूर्ण होता? कई माओं की तरह, मैंने अपने बेटे सूफी को 3 फरवरी 2021 को सिजेरियन डिलीवरी के जरिए जन्म दिया।’

उन्होंने आगे लिखा, ‘मुझे लेबर पेन और नॉर्मल डिलीवरी का अनुभव नहीं हो सकता है। लेकिन मेरे साथी ने मेरा हाथ पकड़ कर, मेरे पेट को काटकर निकाले गए एक नए जीवन यानी एक नवजात शिशु को देखा। शेयर किया गया ये अनुभव हमारे लिए इतना सुंदर और आनंदपूर्ण था कि मैं इसे किसी और के साथ तुलना नहीं कर सकती। मैं इतनी भाग्यशाली थी कि मेरी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ द्रुपति डधिया से लेकर मेरे एनेस्थेटिस्ट और सूर्या अस्पताल की सभी नर्सों तक ने मेरा सही से ख्याल रखा।’

 

पति के बारे में उन्होंने बताया, ‘लेकिन सबसे ज्यादा, सूफी के जन्म के समय के अनुभव में नकुल का मेरे साथ रहना, एक कपल के रूप में हमारी जर्नी सबसे अच्छे पलों से भर गई और ये हमारे जीवन से सबसे शानदार 15 मिनट हैं। मुझे पता है कि कोविड-19 प्रोटोकॉल के कारण अभी ओटी में पार्टनर को अपनी पत्नियों के साथ रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती, लेकिन सूर्या हॉस्पिटल और डॉ अवस्थी ने हमें इसकी अनुमति दी।’

जानकी ने आगे लिखा, ‘सूफी के बाहर आने के तुरंत बाद, हम उस पल में इतना डूब गए कि हमारी जिंदगी के महत्वपूर्ण लोगों को यानी अपने-अपने पेरेंट्स को यह खुशखबरी देना ही हम भूल गए। तब हमें समझ नहीं आ रहा था कि, हम पहले किसे बताएं। फिर नकुल को नानी और दादी को कॉन्फ्रेंस कॉल करने का आइडिया आया। मुझे खुशी है कि हमारे पास इसका स्क्रीनशॉट है और जब सूफी बड़ा होगा, तो हम उसे दिखा सकते हैं। इसे पढ़ने वाले सभी मम्मियों और बच्चों, मुझे आपकी जन्म कहानियां सुनना अच्छा लगेगा।’